रोहतक/पंचकूला। रोहतक स्थित PGIMS के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव हुआ है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा डॉ. सुरेश कुमार सिंघल की दोबारा नियुक्ति पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद हरियाणा सरकार ने डॉ. मदन गोपाल (एमजी) वशिष्ठ को संस्थान के निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया है।

राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष के आदेश पर जारी अधिसूचना के अनुसार, डॉ. वशिष्ठ तत्काल प्रभाव से निदेशक की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, डॉ. सुरेश कुमार सिंघल को निदेशक पद के प्रभार से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है।

65 वर्ष की आयु को लेकर हाईकोर्ट में चुनौती

डॉ. सुरेश कुमार सिंघल की दोबारा नियुक्ति को डॉ. अनिल पन्निकर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में दलील दी गई कि डॉ. सिंघल 31 जुलाई को 65 वर्ष की आयु पूरी कर चुके थे। विश्वविद्यालय के स्टैच्यूट-3 के अनुसार, 65 वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति निदेशक पद पर नहीं रह सकता।

इसके बावजूद 13 अगस्त को उन्हें तीन साल के लिए दोबारा नियुक्त किया गया था। हाईकोर्ट ने इस नियुक्ति आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए हरियाणा सरकार को निर्देश दिया था कि संस्थान का कामकाज प्रभावित न हो, इसलिए 65 वर्ष से कम आयु के किसी योग्य व्यक्ति को अंतरिम जिम्मेदारी सौंपी जाए।

सरकार से मांगा गया जवाब

हाईकोर्ट ने चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से दो सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल कर यह स्पष्ट करने को कहा है कि डॉ. सिंघल को आयु सीमा में किस कानूनी प्रावधान के तहत छूट दी गई थी। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर 2026 को निर्धारित है।

डॉ. वशिष्ठ के पास रहेंगी दोहरी जिम्मेदारियां

डॉ. मदन गोपाल वशिष्ठ वर्तमान में PGIMS रोहतक में सर्जरी विभाग के सीनियर प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (HOD) हैं। इसके अलावा वह डीन एकेडमिक अफेयर्स की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। अब उन्हें इन जिम्मेदारियों के साथ निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!