गुरुग्राम के सेक्टर-62 स्थित एक सोसाइटी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारकर नकली इंजेक्शन बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से अवि शर्मा नाम के युवक को गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी चीन से रॉ ड्रग्स मंगाकर इटली की कंपनी के ‘मौनजारो-तिर्जेपाटाइड’ इंजेक्शन की नकली कॉपी तैयार कर रहा था। यह इंजेक्शन आमतौर पर वजन घटाने और डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होता है।
DLF फेज-4 से शुरू हुई जांच
इस पूरे मामले का खुलासा रविवार को हुआ, जब टीम ने DLF फेज-4 में एक कार से करीब 70 लाख रुपए के नकली इंजेक्शन बरामद किए थे। उस दौरान मुज्जमिल नाम के युवक को हिरासत में लिया गया था। उसी से मिली जानकारी के आधार पर टीम सेक्टर-62 स्थित फ्लैट नंबर 605 तक पहुंची।
फ्लैट में चल रहा था पूरा सेटअप
जांच के दौरान पता चला कि आरोपी फ्लैट में ही रॉ ड्रग्स में पानी मिलाकर इंजेक्शन तैयार करते थे। इसके बाद पैकेजिंग, लेबलिंग और बारकोड लगाने का काम भी यहीं किया जाता था। मौके से पैकेजिंग मशीनें और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी
ड्रग कंट्रोल अधिकारी अमनदीप चौहान ने बताया कि मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई है। पहले एक आरोपी को पकड़ा गया था, अब दूसरे को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है, यह पता लगाया जा रहा है कि ये नकली इंजेक्शन कहां-कहां सप्लाई किए गए और इस रैकेट में कितने लोग शामिल हैं।
लोगों को दी चेतावनी
अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे केवल अधिकृत लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर या अस्पताल से ही दवाइयां खरीदें। किसी भी संदिग्ध इंजेक्शन या दवा की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि ऐसे खतरनाक नेटवर्क पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
