नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 35.55 लाख लाभार्थियों को ₹1144.55 करोड़ की राशि वितरित की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं, किसानों और जरूरतमंद वर्ग के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 9.68 लाख लाभार्थियों को ₹203.28 करोड़ की राशि दी गई, जबकि दयालु योजना के अंतर्गत 7875 लाभार्थियों को ₹298.07 करोड़ वितरित किए गए। इसके अलावा अनुसूचित जाति के किसानों के लिए ट्रैक्टर उपलब्धता योजना के तहत 645 किसानों को ₹19.35 करोड़ जारी किए गए।
महिलाओं के लिए ₹6500 करोड़ का प्रावधान
सीएम सैनी ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए ₹6500 करोड़ का बजट निर्धारित किया है और योजना का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। अब ₹1.80 लाख तक की वार्षिक आय वाली महिलाएं भी इसका लाभ ले सकेंगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि हर महीने की 10 तारीख को योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी।
“अब घर बैठे मिल रहा लाभ”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पेंशन और अन्य योजनाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। अब 60 वर्ष की आयु पूरी होते ही पेंशन स्वतः लागू हो जाती है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लोगों को घर बैठे लाभ मिल रहा है और उन्हें किसी कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
विपक्ष पर साधा निशाना
इस मौके पर सीएम सैनी ने विपक्ष, खासकर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले के शासनकाल में न तो पेंशन बढ़ती थी और न ही पारदर्शिता थी। उन्होंने विपक्ष से तथ्यों के साथ बात रखने की सलाह दी।
किसानों के लिए योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों के हित में लगातार काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को साल में तीन किस्तें दी जा रही हैं और अब तक 22 किस्तें जारी हो चुकी हैं। हरियाणा के किसानों को ₹7500 करोड़ से अधिक की राशि मिल चुकी है। अनुसूचित जाति के किसानों को प्रत्येक ट्रैक्टर पर ₹3 लाख की सब्सिडी दी जा रही है।
फसल नुकसान और गेहूं खरीद
सीएम ने बताया कि खराब मौसम के चलते हिसार, सिरसा और फतेहाबाद जिलों में फसल नुकसान के लिए मुआवजा पोर्टल खोला गया है, जबकि कुरुक्षेत्र के लिए भी जल्द शुरू किया जाएगा। प्रदेश की मंडियों में अब तक 17.37 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जिसमें से 3.92 लाख मीट्रिक टन की खरीद की गई है। किसानों को ₹2585 प्रति क्विंटल के हिसाब से ₹13.09 करोड़ का भुगतान किया गया है।
बैंक घोटाले की जांच CBI को
बैंक घोटाले के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अब CBI को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि यह जनता के पसीने की कमाई है और सरकार इसे वापस लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
