पंचकूला नगर निगम से जुड़े करीब 160 करोड़ रुपये के एफडी घोटाले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। Kotak Mahindra Bank के वाइस प्रेसिडेंट पुष्पेंद्र ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।
यह मामला नगर निगम की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में कथित गबन से जुड़ा है, जिसमें करोड़ों रुपये के हेरफेर की आशंका जताई जा रही है। पुष्पेंद्र के सरेंडर के बाद अब जांच एजेंसियों को इस पूरे घोटाले की कड़ियां जोड़ने में अहम मदद मिलने की उम्मीद है।
ACB अब पुष्पेंद्र से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश करेगी कि इस गबन में और कौन-कौन शामिल है, पैसा कैसे ट्रांसफर किया गया और पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, क्योंकि जांच एजेंसियां बैंकिंग ट्रांजैक्शन और दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रही हैं।
फिलहाल, ACB की पूछताछ के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस 160 करोड़ के घोटाले का मास्टरमाइंड कौन है और इसमें कितने लोग शामिल हैं।
