हरियाणा में मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के 2 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, अधिकतम तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मौसम में बदलाव को देखते हुए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बारिश और तेज हवाओं से खेतों में खड़ी फसलों तथा कटी हुई फसल को नुकसान होने की आशंका रह सकती है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम की स्थिति पर नजर रखें और फसल की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें।
हरियाणा में मौसम ने फिर करवट ली है। सोमवार को जींद, सोनीपत, गुरुग्राम और रेवाड़ी के कई हिस्सों में बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार 15 अक्टूबर तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है। मंगलवार को कुरुक्षेत्र और कैथल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है।
वहीं, 14 और 15 अक्टूबर को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। सोमवार को प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान 1.5 डिग्री बढ़ा, लेकिन सामान्य से 2.9 डिग्री कम रहा।
मौसम विभाग की मानें तो आज 13 अक्टूबर को कुरुक्षेत्र और कैथल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 14 और 15 अक्टूबर को प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार 13 अक्टूबर को कुरुक्षेत्र और कैथल में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और जींद में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। 12 अक्टूबर को भी कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना जताई गई थी। 14 और 15 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं और प्रदेश में कई जगह बूंदाबांदी से लेकर मध्यम बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 14 और 15 अक्टूबर को प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। इससे दिन के तापमान में और बदलाव आ सकता है।
मौसम में बदलाव को देखते हुए किसानों और आमजन को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाले ताजा पूर्वानुमान और चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।
