हरियाणा के सिरसा में जमीनी विवाद के चलते बेटे ने अपने पिता की हत्या कर दी। आरोपी ने पहले पिता को जीप से कुचला। फिर धारदार हथियार से सिर पर दो बार वार किए। बुजुर्ग पिता करीब दो घंटे तक गली में तड़पता रहा, लेकिन किसी ने अस्पताल पहुंचाने की हिम्मत नहीं दिखाई।
कुछ देर बाद गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने सड़क पर बुजुर्ग को सड़क पर पड़े देखकर अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक के शव को पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और बेटे के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी अभी फरार है। बताया जा रहा है कि बहन के हिस्से की जमीन को लेकर बाप-बेटे में झगड़ा था।

रिश्तेदारों के अनुसार, राम सिंह की बहन बयंत कौर की पंजाब के गिद्दड़बाहा में शादी हुई थी। बयंत कौर के पास ससुराल से मिली 12 एकड़ जमीन मंधेर में है। कुछ समय पहले, बयंत कौर के पति की हत्या उसी के भतीजे ने कर दी थी, जिसके बाद से वह अपने मायके में रह रही है।
पति की हत्या के बाद से बयंत कौर अपने मायके में रह रही है। राम सिंह अपनी बहन की जमीन-जायदाद की देखरेख कर रहा था। उसने जमीन का कुछ हिस्सा बेच दिया था, लेकिन पूरी रकम बहन को नहीं दी। पिता जसवंत सिंह ने राम सिंह को बेटी का हक मारने से मना किया था, लेकिन राम सिंह ने उनकी बात नहीं मानी और उनसे झगड़ा करता रहा। इसी वजह से परिवार में विवाद चल रहा था।
जसवंत सिंह छोटे बेटे की जमीन को लेकर भी राम से नाराज रहते थे। जसवंत सिंह ने छोटे भाई के नाम पर गांव से बाहर बिज्जुवाली में ढाई एकड़ जमीन ले रखी थी। आरोप है कि राम सिंह ने दो महीने पहले उस जमीन को चुपके से बेच दिया और वह पिता की पुस्तैनी जमीन भी पूरी हड़पना चाहता था।
जसवंत सिंह के तीन बेटे और दो बेटी थे। उनके एक बेटे की करीब 17-18 साल की उम्र में पांच साल पहले मौत हो चुकी है, जबकि एक बेटा मानसिक रूप से ठीक नहीं है। राम सिंह अपने पिता के साथ गांव में ही रहता था और खेती-बाड़ी करता था और खुद की कंबाइन मशीन है। राम सिंह के दो बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा व बेटी है।
