हिसार जिले की सिटी थाना पुलिस ने गणेश मार्केट में एक मोबाइल शॉप मालिक से आरटीआई न लगाने की एवज में ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए एक्टिविस्ट मनोज सिंधवानी नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार किया। शॉप मालिक मुकेश ने बताया कि सेक्टर 14 के सामने उसकी बिल्डिंग बन रही है जिसको लेकर तथाकथित आरटीआई एक्टिविस्ट रुपए की डिमांड कर रहा था। रुपए ना देने की सूरत में आरटीआई लगाकर बिल्डिंग सील करवाने की धमकी दे रहा था।
तंग होकर शॉप मालिक ने एसपी हिसार को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद एसपी ने सिटी थाना पुलिस से मामले में कार्रवाई करने को कहा। इसके बाद सिटी थाना पुलिस ने पूरा जाल बिछाकर आरोपी मनोज सिंधवानी को शुक्रवार देर रात रंगे हाथ पकड़ा है।
जांच में पुलिस यह पता लगा रही है कि आरटीआई एक्टिविस्ट किन-किन के संपर्क में था और पकड़े गई रकम किस-किस को बंटनी थी। मनोज सिंधवानी पर केस दर्ज कर पुलिस उससे जुड़े लोगों के कनेक्शन की जांच करेगी। इसके अलावा नगर निगम में कौन-कौन से आरटीआई एक्टिविस्ट वसूली का काम कर रहे हैं उनका भी पता पुलिस लगाएगी।
बता दें कि हिसार की देव वाटिका निवासी मनोज सिंधवानी पहले भी अवैध वसूली करते पकड़ा गया था। करीब 9 महीने पहले हांसी की बोगा राम कॉलोनी के इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी अनिल कुमार से उसने 7 हजार रुपए अवैध वसूली की थी। शिकायत में व्यापारी अनिल कुमार ने बताया था कि वह मॉडल टाउन में मकान बना रहा था। इसका नक्शा पास करवाकर नगर निगम में फीस भी जमा करवा रखी है। आरोप है कि मकान पर मनोज कुमार बार-बार आकर पैसों की मांग करता रहा। आरोपी ने धमकी दी कि यदि मुझे पैसे नहीं दिए तो निगम में आपकी शिकायत कर देगा
दीपांशु के मुताबिक वह गणेश मार्केट में मोबाइल शॉप चलाते हैं और सेक्टर-14 के पास उनकी एक नई बिल्डिंग बन रही है। आरोपी मनोज सिंधवानी पिछले काफी समय से उन्हें परेशान कर रहा था। वह खुद को आरटीआई एक्टिविस्ट बताकर यह धमकी दे रहा था कि वह उनकी बिल्डिंग पर आरटीआई (RTI) लगाकर उसे सील करवा देगा।
दीपांशु के अनुसार, मनोज सिंधवानी ने आरटीआई न लगाने और बिल्डिंग को नुकसान न पहुंचाने के बदले में ₹1 लाख की रकम मांगी थी। दीपांशु काफी समय से इस दबाव और मानसिक प्रताड़ना को झेल रहे थे।
जब आरोपी की धमकियां बढ़ती गईं, तो दीपांशु ने डरने के बजाय कानून की मदद लेने का फैसला किया। उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत एसपी हिसार को दी। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सिटी थाना पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। दीपांशु और मनोज के बीच पैसों को लेकर मोलभाव हुआ और मामला ₹1 लाख में तय हुआ। शुक्रवार देर रात जैसे ही दीपांशु ने आरोपी मनोज सिंधवानी को रिश्वत के ₹1 लाख दिए, पहले से घात लगाकर बैठी सिटी थाना पुलिस की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया।
पुलिस द्वारा रंगे हाथ पकड़े जाने पर एक्टिविस्ट गिड़गिड़ाता हुआ नजर आया और अपने बच्चों की दुहाई पुलिस को देता नजर आया। मगर पुलिस ने एक नहीं सुनी और उसे गिरफ्तार कर लिया। मनोज सिंधवानी को आज कोर्ट में पेशकर रिमांड पर लिया जाएगा और इसके गिरोह में कौन-कौन से सदस्य हैं इसका पता लगाया जाएगा।
