रूस की सेना में जबरन भर्ती करके यूक्रेन में युद्ध में धकेले गए फतेहाबाद जिले के गांव कुम्हारिया के दो युवकों में से एक की मौत हो गई है। युवक अंकित जांगड़ा की डेडबॉडी दिल्ली पहुंच गई है। जहां परिजन डेडबॉडी लेने पहुंच गए हैं। आज (शनिवार) दोपहर बाद तक डेडबॉडी दिल्ली से गांव कुम्हारिया लाई जाएगी।
मृतक अंकित जांगड़ा के बड़े भाई रघुवीर जांगड़ा के अनुसार परिवार के पास कल शुक्रवार को ही डेडबॉडी भारत भेजने की सूचना पहुंची थी। इसके बाद परिवार आज सुबह दिल्ली रवाना हुआ। दोपहर बाद गांव में अंकित के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, दूसरे युवक विजय पूनिया का अभी कोई सुराग नहीं लगा है।
इन दोनों युवकों की वापसी के लिए परिवार की ओर से काफी प्रयास किए गए थे। परिजन दिल्ली और चंडीगढ़ में रूसी एंबेसी, विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय से मदद की गुहार लगाने के लिए गए। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं सिरसा सांसद कुमारी सैलजा, रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी विदेश मंत्री जयशंकर को इस मामले में पत्र लिखा था।
इन दोनों युवकों से परिवार के सदस्यों का 11 सितंबर 2025 के बाद से कोई संपर्क नहीं हुआ था। लगातार दोनों परिवार उनकी सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे थे। मगर इसी बीच अंकित की डेडबॉडी भारत भेज दी गई है। वहीं, दूसरे युवक विजय का भी अभी तक कोई पता नहीं चल पा रहा है।

