भगवान भोलेनाथ के नाम की कांवड़ ला रही दिल्ली की गर्भवती कांवड़िया की जिला अस्पताल के निकट तबीयत बिगड़ गई। उसे जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां पर महिला का प्रसव कराया गया। महिला ने सामान्य प्रसव के बाद जुड़वा बेटों को जन्म दिया।
दोनों नवजात को सांस लेने में थोड़ी समस्या हुई तो उन्हें विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती कराया गया। एसएसपी ने प्रसूता से मिलकर उसका हालचाल जाना और उपहार भेंट किया। वहीं, महिला की सहमति के बाद एसएसपी ने दोनों बच्चों का नाम गणेश और कार्तिकेय रखा। प्रसूता ने कहा कि भगवान भोलेनाथ ने उसका आंचल खुशियों से भर दिया है।
दिल्ली के भलस्वा निवासी 30 वर्षीय नेहा पत्नी अनुराग हरिद्वार से अकेली कांवड़ लेकर आ रही थीं। सोमवार सुबह 9:15 बजे महिला को पेट में दर्द की शिकायत हुई तो वह जिला महिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंची। यहां पर सीएमएस डा. मुरली भास्कर ने बताया कि महिला सात माह की गर्भवती है।
इस पर महिला का गहनता से परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण से महिला को प्रसव पीड़ा होने की स्थिति स्पष्ट हो गई। महिला को लेबर रूम में ले जाया गया। यहां पर उसने जुड़वा बेटों को जन्म दिया। दोनों के जन्म में दो मिनट का अंतर है।
सीएमओ डा. सुनील कुमार तेवतिया ने भी अस्पताल पहुंचकर जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य की जानकारी ली। पति अनुराग से संपर्क न होने के बाद प्रसूता की भाभी महक से संपर्क किया गया है, जो रात तक यहां पहुंच सकती हैं। महिला का यह दूसरा प्रसव है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे। चिकित्सक से मिलने के बाद प्रसूता का हाल जाना। एसएसपी ने महिला को फलाहार की पोषण पोटली देने के साथ शिशुओं के लिए भी उपहार दिए। महिला की भाभी महक ने पुलिस को फोन पर बताया कि नेहा को गर्भवती होने के कारण कांवड़ लाने से रोका था, लेकिन वह बिना बताए चली गई।
उन्हें अस्पताल से जुड़वा बच्चे पैदा होने की जानकारी मिली है। महिला का पति अनुराग ई-रिक्शा चलाता है। इससे पहले महिला की चार साल की बेटी पलक है, जो दिल्ली में स्वजन के पास है।


