दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को महिला पहलवानों से जुड़े यौन शोषण मामले में भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया है। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार सुबह 10 बजे फैसला सुनाया। इस दौरान कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व सचिव विनोद तोमर अदालत में मौजूद रहे।

2 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। मामला जनवरी 2023 में सामने आया था। तब से लेकर अब तक कुल 1133 दिनों में अदालत में 127 सुनवाई हुईं। इनमें 2023 में 24, 2024 में 37, 2025 में 30 और 2026 में 36 सुनवाई शामिल हैं।

बृजभूषण 20 जुलाई 2023 से नियमित जमानत पर थे। 10 मई 2024 को अदालत ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर आरोप तय किए थे, जिसके बाद ट्रायल शुरू हुआ था।

बता दें कि बृजभूषण के खिलाफ हरियाणा समेत कई राज्यों की महिला पहलवानों ने जंतर मंतर पर 38 दिनों तक धरना दिया था। जिनकी तस्वीरें काफी चर्चा में रहीं थी।

जनवरी 2023 में यह विवाद तब चर्चा में आया, जब ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट सहित कई पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए। इसके विरोध में उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया।

सरकार की ओर से कार्रवाई का भरोसा मिलने पर आंदोलन अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया, लेकिन आरोपों पर ठोस कदम नहीं उठने का दावा करते हुए पहलवान अप्रैल 2023 में दोबारा धरने पर बैठ गए।

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!