रोहतक जिले में नाबालिग बच्चों से काम करवाने वालों के खिलाफ चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने सख्ती अपनानी शुरू कर दी है। सीडब्ल्यूसी टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर 4 नाबालिग बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त करवाया और उनके परिजनों को चेतावनी दी, कि दोबारा बाल मजदूरी करवाई, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीडब्ल्यूसी चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक ने बताया कि सर्विस स्टेशनों पर बाल मजदूरी होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम मौके पर पहुंची और बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त करवाया। इस दौरान सर्विस स्टेशन के मालिकों को भी चेतावनी दी गई कि दोबारा बच्चों से काम न करवाए, वरना उनके खिलाफ बाल मजदूरी करवाने को लेकर कार्रवाई की जाएगी।
सीडब्ल्यूसी की तरफ से रेस्क्यू किए गए नाबालिग बच्चों में एक बच्चा 11 साल सर्विस स्टेशन पर काम करता मिला। दूसरा बच्चा 13 साल का सर्विस स्टेशन पर मिला। दो बच्चे 16 साल के सर्विस स्टेशन पर काम करते पाए गए। इनमें से 3 बच्चे उत्तर प्रदेश व एक बच्चा बिहार का रहने वाला है।
चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक ने बताया कि जिले की सभी दुकानों, होटल, नर्सिंग होम, फैक्ट्रियों, ईंट भट्टों व अन्य प्रतिष्ठानों में बच्चों से बाल मजदूरी करवाना गैर कानूनी है। इससे बच्चे के शारीरिक, मानसिक व शैक्षणिक हितों को नुकसान होगा। ऐसे में बाल मजदूरी करवाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बाल मजदूरी से नाबालिग बच्चों को मुक्त करवाने वाली सीडब्ल्यूसी की टीम में चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक, सदस्य एडवोकेट विकास अत्री, उषा रानी सदस्य शामिल रहे। उनके साथ पुलिस कर्मी भी रहा, जिसके सहयोग से बच्चों को मुक्त करवाया गया।

