मानसून के दौरान संभावित बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को 30 जून से पहले जिले की सभी प्रमुख ड्रेनों तथा जलभराव संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्त को दिए गए दिशा निर्देशों के उपरांत प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के बाद वरिष्ठ अधिकारी पुन: स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।
सचिन गुप्ता ने बताया कि बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति पर प्रभावी निगरानी के लिए प्रत्येक आईएएस एवं एचसीएस अधिकारी को पांच-पांच किलोमीटर क्षेत्र (पैच) की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। संबंधित अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्र में जल निकासी प्रबंधों की नियमित निगरानी करेंगे तथा किसी भी प्रकार की समस्या आने पर उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित करेंगे।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ के पानी की निकासी के लिए लगाए गए पंप सेट, साइफन पंप, डीडी पंप सेट तथा अन्य जल निकासी उपकरणों की कार्यशीलता की पूरी तरह जांच कर ली जाए। साथ ही सभी ड्रेनों की सफाई, गाद निकासी तथा कचरा एवं अन्य अवरोधों को 30 जून से पहले हर हाल में हटाया जाए, ताकि वर्षा के दौरान जल निकासी में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
सचिन गुप्ता ने कहा कि जिन क्षेत्रों में जलभराव की संभावना अधिक रहती है, वहां अतिरिक्त पंप सेट, जनरेटर तथा अन्य आवश्यक मशीनरी पहले से उपलब्ध रखी जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मानसून से पूर्व सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए।
बैठक में निगम आयुक्त कम अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार, सांपला की उपमंडलाधीश अंकिता पुवार, महम के उपमंडलाधीश विपिन कुमार, नगर निगम की संयुक्त आयुक्त नमिता सिंह, सिंचाई विभाग अधीक्षक अभियंता सतपाल दलाल, कार्यकारी अभियंता राजेश भारद्वाज, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता संजीव कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
