साइबर अपराधियों ने एक बार फिर हरियाणा के जनप्रतिनिधि को निशाना बनाया है। यमुनानगर से भाजपा विधायक Ghanshyam Dass Arora का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया। हैकरों ने उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करते हुए कई लोगों को पैसों की मांग वाले संदेश भेज दिए। मामला सामने आने के बाद विधायक ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी प्रकार का आर्थिक लेन-देन न करने की अपील की।
जानकारी के अनुसार रविवार को विधायक के एक परिचित को उनके नंबर से मदद के नाम पर पैसे भेजने का संदेश मिला। संदेश की भाषा और मांग संदिग्ध लगने पर संबंधित व्यक्ति ने सीधे विधायक से संपर्क किया। इसके बाद जांच करने पर पता चला कि विधायक का व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो चुका है और हैकर उनके संपर्क में मौजूद लोगों को मैसेज भेज रहा है।
मामले की जानकारी मिलते ही विधायक और उनके निजी सहायक ने व्हाट्सएप स्टेटस तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सूचना जारी कर लोगों को आगाह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके नंबर से भेजे जा रहे किसी भी संदेश पर भरोसा न किया जाए और न ही किसी प्रकार की धनराशि भेजी जाए।
इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी विभिन्न सोशल मीडिया ग्रुपों में चेतावनी संदेश प्रसारित कर लोगों को सतर्क किया। सूत्रों के अनुसार हैकर ने विधायक की संपर्क सूची में मौजूद कई अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रदेश सरकार से जुड़े लोगों को भी संदेश भेजे। कुछ संदेशों में तत्काल आर्थिक सहायता की मांग की गई थी। हालांकि समय रहते लोगों को जानकारी मिल जाने के कारण किसी के साथ ठगी होने की सूचना नहीं है।
विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने बताया कि मामले की जानकारी संबंधित एजेंसियों और साइबर विशेषज्ञों को दे दी गई है। अकाउंट को सुरक्षित करने और हैकिंग के स्रोत का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पहले भी हो चुका है साइबर हमला
यह पहला अवसर नहीं है जब विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के सोशल मीडिया अकाउंट को निशाना बनाया गया हो। मई 2024 में उनका एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट भी हैक कर लिया गया था। उस दौरान उनके अकाउंट से गुर्जर समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट कर दी गई थी। पोस्ट वायरल होने के बाद शहर में विवाद की स्थिति बन गई थी और भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी हुआ था। बाद में विधायक ने अकाउंट हैक होने की जानकारी देते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
हरियाणा में बढ़ रहे VIP अकाउंट हैकिंग के मामले
साइबर अपराधी अब केवल आम लोगों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों को भी निशाना बना रहे हैं। कुछ समय पहले हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) Kanwar Nirmal Singh का व्हाट्सएप अकाउंट भी हैक कर लिया गया था। हैकरों ने उनके नाम का इस्तेमाल कर परिचितों से पैसे मांगने की कोशिश की थी। पुलिस जांच में बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के सोशल मीडिया और मैसेजिंग अकाउंट हैक होने पर बड़ी संख्या में लोग ठगी का शिकार हो सकते हैं। ऐसे में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, मजबूत पासवर्ड और संदिग्ध लिंक से बचाव बेहद जरूरी है।
लोगों से अपील
विधायक ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके नंबर से किसी प्रकार की आर्थिक मदद या पैसों की मांग का संदेश मिले तो उस पर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध संदेश की पुष्टि सीधे फोन कॉल या व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से करें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
