रानियां से इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला और रोहतक के एसपी गौरव राजपुरोहित के बीच हुए विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। इस मुद्दे को लेकर जजपा और इनेलो के नेताओं व कार्यकर्ताओं के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। दोनों दलों के समर्थक अपने-अपने नेताओं का बचाव करते हुए एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।

विवाद की जड़ में पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और हिसार सीआईए इंचार्ज पवन कुमार के बीच हुआ टकराव भी माना जा रहा है। उस मामले में अर्जुन चौटाला ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि दुष्यंत चौटाला के पास सुरक्षा कर्मी मौजूद थे। यदि कोई समस्या थी तो उन्हें अपनी सिक्योरिटी को बताना चाहिए था। उन्होंने कहा था कि खुद गाड़ी पर लटकना या पुलिस से बहस करना उचित नहीं था। इनेलो की ओर से यह भी कहा गया था कि जनता अब जजपा को नकार चुकी है।

उस समय जजपा नेताओं ने अर्जुन चौटाला की टिप्पणी का विरोध किया था, लेकिन महापंचायत और अन्य कार्यक्रमों के चलते खुलकर प्रतिक्रिया नहीं दी गई। अब रोहतक में हुए घटनाक्रम के बाद जजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर इनेलो को घेरना शुरू कर दिया है।

जजपा समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट में लिखा गया कि कुछ दिन पहले अर्जुन चौटाला दुष्यंत चौटाला को प्रशासन से टकराव को लेकर नसीहत दे रहे थे, लेकिन अब खुद एसपी रोहतक से बहस करते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। पोस्ट में सवाल उठाया गया कि क्या एक विधायक द्वारा पुलिस अधिकारी के साथ इस तरह का व्यवहार उचित है।

वहीं, अर्जुन चौटाला ने अपने पक्ष में कहा कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें और कार्यकर्ताओं को करीब चार घंटे तक इंतजार कराया गया। उन्होंने कहा कि ज्ञापन लेने में महज दो मिनट लगते हैं, लेकिन उपायुक्त समय पर नहीं आए। इसके पीछे की मंशा क्या थी, यह प्रशासन ही बता सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी सरकार के सामने अपनी छवि चमकाने के लिए इस तरह का रवैया अपनाते हैं।

गौरतलब है कि एक जून को इनेलो ने महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदेशभर में प्रदर्शन किया था। रोहतक में प्रदर्शन के दौरान डीसी कार्यालय में ज्ञापन देने को लेकर विधायक अर्जुन चौटाला और एसपी गौरव राजपुरोहित के बीच तीखी बहस हो गई थी। इसी दौरान कथित तौर पर विधायक द्वारा एसपी को “जा दफा हो” कहने का वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद विवाद और गहरा गया।

दूसरी ओर, 16 अप्रैल को हिसार में जजपा युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला के नेतृत्व में गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में हुए प्रदर्शन के बाद दर्ज मामले को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी जारी है। अगले दिन गिरफ्तारी देने जा रहे दुष्यंत चौटाला के काफिले को हिसार में रोकने को लेकर CIA इंचार्ज पवन कुमार और दुष्यंत चौटाला के बीच विवाद हुआ था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए थे और पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी।

अब रोहतक की घटना के बाद दोनों पुराने मामलों को जोड़कर जजपा और इनेलो एक-दूसरे पर हमला बोल रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक सियासी तूल पकड़ सकता है।

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