रोहतक पुलिस की साइबर थाना की टीम ने पॉलिसी के नाम पर हुई 10 लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधडी करने के मामले मे शामिल रहे दूसरे आरोपी को गिरफ्तार करने मे सफलता प्राप्त की है। आरोपी को पेश अदालत किया गया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
पुलिस प्रवक्ता मनीष ने बताया कि कृपाल नगर निवासी धर्मबीर की शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राईम मे अभियोग अंकित कर जांच शुरु की गई। प्रारंभिक जाँच में सामने आया कि दिनांक 03.02.2026 को धर्मबीर ने फेसबुक पर सरकार द्वारा नई स्कीम के तहत 22000/- रुपये इन्वेस्ट करने पर प्रतिदिन बहुत आय होगी उसके बाद धर्मबीर ने पुरा विडियो देखने पर स्कीम मे रजिस्ट्रेशन करने का कालम मे अपना ईमैल व फोन नम्बर डाल दी। धर्मबीर के पास एक अन्जान कांल आई उसने धर्मबीर को बताया कि आपका स्कीम मे रजिस्ट्रेशन हो गया है आप अपनी फीस जमा करा दो। धर्मबीर के पास तवनीशा नाम से काँल आई जिसने धर्मबीर के पैन कार्ड की काँफी इमैल से मगंवाई और बार-2 करके धर्मबीर को काफी फायदा बताकर पैसे डलवाने शुरु कर दिये। उसके बाद मनीफरोक्स का फाईनैन्स मैनेजर नाम प्रियास मेहता बनकर धर्मबीर के पास कॉल आई कि आपका अकाउन्ट काफी नुकसान मे चला हुआ है आपको और रुपये लगाने पडेगें नही तो आपका अकान्ट शुन्य हो जायेगा। जिसके बाद धर्मबीर ने और पैसे डाल दिये। धर्मबीर के साथ कुल 10,28,622/- रुपये की धोखाधडी की गई।
मामले की जांच निरीक्षक जोगिन्द्र द्वारा अमल में लाई गई। दौरान जांच दिनांक 02.05.2026 को आरोपी भैराराम पुत्र रामाराम निवासी राजस्थान हाल चांदनी चौक दिल्ली को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह मे शामिल रहे आरोपी मनीष को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तार आरोपी-
भैराराम पुत्र रामाराम निवासी राजस्थान हाल चांदनी चौक दिल्ली
रजिस्ट्रड केसः-
अभियोग संख्या 24 दिनांक 21.03.2026 धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2) बीएनएस थाना साइबर क्राइम रोहतक
