अमेरिका में ड्राइविंग स्किल के आधार पर नौकरी की तलाश में गए पंजाबी युवाओं पर ट्रम्प सरकार ने सख्ती की है। यहां ट्रक चलाने वाले युवाओं के लिए इंग्लिश स्पीकिंग मेंडेटरी कर दी गई है। बाकायदा इसके लिए टेस्ट भी लिए जा रहे हैं।
पंजाब के ट्रक ड्राइवरों से हुए एक्सीडेंट के बाद ट्रम्प सरकार ने इस नियम को लागू किया है। पुलिस ऑन रोड ट्रक ड्राइवरों को रोक-रोक कर भी इंग्लिश स्पीकिंग टेस्ट ले रही है। इस टेस्ट में अब तक नॉन अमेरिकी 7 हजार से ज्यादा ट्रक ड्राइवर फेल हो गए हैं। इनके लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं।
इस वक्त अमेरिका में 1.50 लाख पंजाबी ड्राइवर हैं। अमेरिका के ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी सीन डफी के मुताबिक, 30 अक्टूबर तक चले इंग्लिश टेस्ट में कई ड्राइवर सही से इंग्लिश बोल नहीं पाए, तो कुछ इंग्लिश में लिखे ट्रैफिक साइन के बारे में नहीं बता पाए।
बता दें कि लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए अमेरिकी सरकार करीब दो महीने पहले भारतीय ड्राइवरों के वीजा पर रोक लगा चुका है। इसकी जानकारी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दी थी।
कैलिफोर्निया के ट्रम्प की शर्त न मानने के बाद ट्रम्प प्रशासन ने स्टेट का ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट फंड रोक दिया है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की ट्रक चेन कंपनी के सीईओ अडालबर्टो कैम्पेरो ने कहा कि ट्रम्प के इस निर्णय से लॉजिस्टिंग सेक्टर को नुकसान हो रहा है।
2021 के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में विदेशी मूल के ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री (ट्रक, टैक्सी, बस और अन्य सभी वाहन) से जुड़े लोगों की संख्या 7,20,000 तक पहुंच चुकी है। इनमें डेढ़ लाख के करीब ड्राइवर पंजाबी हैं। इस साल की शुरुआत में वित्तीय कंपनी ऑल्टलाइन की एक रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका में 24 हजार ट्रक ड्राइवरों की कमी है।
इस कमी के कारण सामान समय पर नहीं पहुंच पाता और माल ढुलाई उद्योग को हर हफ्ते लगभग 95.5 मिलियन डॉलर का नुकसान होता है। इसी वजह से वहां लगातार ट्रक ड्राइवरों की मांग बढ़ रही है।
22 अक्टूबर को कैलिफोर्निया के I-10 फ्रीवे में पंजाब के गुरदासपुर के रहने वाले ट्रक ड्राइवर जशनप्रीत सिंह ने कई वाहनों को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने जशनप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। अमेरिकी पुलिस का कहना है कि सामने ट्रैफिक जाम होने के बावजूद जशनप्रीत ने ब्रेक नहीं लगाए, क्योंकि वह नशे में धुत था।
अमेरिकी पुलिस ने जशनप्रीत के नशे में होने की बात कही थी। इस पर परिवार ने दावा किया कि जशनप्रीत अमृतधारी सिख है और किसी तरह का नशा नहीं करता है। कोई भी ड्रग नहीं लेता है।

