हिसार के नारनौंद निवासी 22 वर्षीय युवक अजय ने किलोमीटर स्कीम पर चल रही हरियाणा रोडवेज बस के ड्राइवर और कंडक्टर पर बस में बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। अजय का कहना है कि वह हिसार कैंट स्थित एक कंपनी में गार्ड की नौकरी करता है।
अजय के अनुसार, 10 अक्टूबर की सुबह वह अपनी ड्यूटी पर जाने के लिए गांव से हिसार आ रहा था। उसने खांडाखेड़ी मोड़ से एक रोडवेज बस पकड़ी और हिसार कैंट तक का टिकट लिया। जब बस कैंट के पास पहुंची तो उसने ड्राइवर से रुकने के लिए कहा, लेकिन ड्राइवर ने बस नहीं रोकी। कई बार कहने के बावजूद बस नहीं रोकी गई।
आरोप है कि इसी दौरान बस के कंडक्टर ने उससे गाली-गलौज करनी शुरू कर दी। एक स्पीड ब्रेकर पर बस की रफ्तार धीमी हुई तो अजय बस से उतर गया और अपने कार्यालय की ओर बढ़ने लगा। तभी ड्राइवर, कंडक्टर और बस में बैठे दो-तीन लोग नीचे उतर आए और उसे पकड़कर दोबारा बस में चढ़ा लिया। रास्ते भर उसके साथ मारपीट की गई।
अजय ने बताया कि बस जब हिसार बस अड्डे पर पहुंची, तो सभी सवारियों को उतार दिया गया लेकिन उसे नहीं उतारा गया। आरोप है कि वहां भी आरोपितों ने उसके साथ मारपीट जारी रखी और उससे 360 रुपये नकद व टिकट भी छीन लिया।
इसके बाद उसे जबरदस्ती सदर थाना ले जाया गया। अजय के अनुसार, उसका भाई और मां सुनीता उसे थाना से लेकर नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाने पहुंचे। अजय के पिता हिसार कोर्ट में क्लर्क हैं। उसने बताया कि जब वह बस में डायल 112 पर कॉल करने लगा, तो ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे कॉल नहीं करने दी।
वहीं, इस मामले में हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रधान राजकुमार ने कहा कि करीब एक वर्ष पहले उपायुक्त ने निर्देश दिए थे कि कैंट के पुराने अड्डे पर बसें नहीं रोकी जाएं। पुराने अड्डे पर बस रोकने पर 1000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है, इसलिए बसें नए अड्डे पर ही रोकी जाती हैं। इसी मुद्दे को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है।
