हरियाणा के सफाई और सीवर कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। नगर पालिका कर्मचारी संघ, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन और शिक्षा विभाग पार्ट टाइम यूनियन के संयुक्त नेतृत्व में दो नवंबर को कुरुक्षेत्र में महारैली आयोजित होगी। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि SWM एप पर जबरन हाजिरी लगाने के लिए धमकाया जा रहा है।
पंचकूला में मीटिंग के दौरान उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने 2 नवंबर तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो रैली के मंच से मुख्यमंत्री के आवास की ओर कूच किया जाएगा। महारैली से पहले 28 सितंबर से 14 अक्टूबर तक भगवान वाल्मीकि जयंती मनाई जाएगी।
संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि निजीकरण और उपेक्षित नीतियों ने सफाई कर्मचारियों को गरीबी और भुखमरी के कगार पर खड़ा कर दिया है। कर्मचारियों की समस्याओं और नियमितीकरण पर कोई नीति नहीं बनाई गई है। पिछले 11 वर्षों में एक भी कर्मचारी की पक्की भर्ती न होना घोर अन्याय है। प्रदेश के बड़े संगठन सर्व कर्मचारी संघ और सीटू भी आंदोलन का समर्थन कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने प्रथम कार्यकाल में ग्रुप डी की 18 हजार 200 भर्ती की थी, जिनमें एक भी सीवरमैन और सफाई कर्मचारी भर्ती नहीं किया। उन्होंने कहा कि पिछले 5 वर्षों से पालिका रोल और अनुबंध फायर कर्मचारी के वेतन में कोई भी बढ़ोतरी नहीं की गई।नगर निगम फरीदाबाद में 30 वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी कोर्ट के आदेशों के बाद भी पक्के नहीं किए गए, जबकि मुख्यमंत्री ने कच्चे सफाई कर्मचारियों का वेतन 27 हजार रुपए करने की घोषणा की थी। यह घोषणा लागू न होने से सफाई कर्मचारी अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं।
