मौत से जंग जीतने के बाद तनिष्का की हालत में सुधार होने पर रविवार को परिजन उसे मेदांता से लेकर घर पहुंचे। तनिष्का अपने घर पहुंचने पर बेहद खुश है, लेकिन मांग कर रही है कि जिन दरिंदों ने उसके ऊपर हमला किया, उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। जेल में बंद करके तो उन्हें कोई सजा नहीं मिल रही, सजा तो हर रोज मैं भुगत रही हूं। उसने यह भी कहा कि वह पुलिस में भर्ती होना चाहती है, ताकि ऐसे दरिंदों को सजा मिल सके और वे किसी के साथ भी इस तरह की हरकत ना कर सकें।
‘जिन दरिंदों ने मुझे इन हालातों में पहुंचाया है, उन्हें सजा-ए-मौत मिलनी चाहिए, जेल में तो उन्हें अच्छा खाना मिल रहा है, वह तो उनके लिए पार्टी के समान है, सजा तो मैं भुगत रही हूं हर पल, शरीर में अभी भी पांच गोली फंसी हुई हैं, जो निकलेगी भी या नहीं , कुछ पता नहीं’
ये शब्द उसी दुल्हन तनिष्का के हैं, जिसकी डोली ससुराल पहुंचने से पहले ही कुछ दरिंदों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसके सपनों को चकनाचूर कर दिया था।
बदमाशों ने दुल्हन तनिष्का को 6 गोलियां मारी थी, लेकिन तनिष्का ने हौसला नहीं खोया। शनिवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से छुट्टी होने के बाद उसे मायके सांपला में लाया गया, जहां पर पहली बार नम आंखों से उसने अपने दर्द को मीडिया के सामने बयां किया। हालांकि उस भयावह पल को याद कर वह अब भी सिहर उठती है। परिवार के लोग उसे एक पल के लिए भी अकेला नहीं छोड़ रहे।
दरअसल सांपला की रहने वाली तनिष्का की शादी भाली आनंदपुर गांव निवासी मोहन के साथ हुई थी। एक दिसंबर की रात विदाई के बाद तनिष्का अपने पति और अन्य रिश्तेदारों के साथ ससुराल जा रही थी कि भाली आनंदपुर गांव के नजदीक पहुंचते ही कार सवार बदमाशों ने उन्हें ओवरटेक कर रोक लिया था। इसके बाद तनिष्का को एक के बाद एक कई गोलियां मारी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। कुछ दिनों तक उसका पीजीआई रोहतक में उपचार चला।
इसके बाद उसे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में रेफर कर दिया था। इस प्रकरण में मुख्य आरोपी साहिल समेत सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में रोहतक जेल में बंद है।
