रोहतक जिले के महम एसडीएम ऑफिस में भ्रष्टाचार को लेकर लोगों ने आवाज उठानी शुरू कर दी है। लोगों का आरोप है कि गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन करने में भ्रष्टाचार हो रहा है, जिसमें कई कर्मचारी शामिल है। जब भ्रष्टाचार के मामले में एसडीएम मुकुंद तंवर से पूछा तो वह सवालों का जवाब देने से बचते नजर आए। साथ ही लिखित शिकायत देने की बात कही।
शिकायतकर्ता ने बताया कि एसडीएम ऑफिस में बाहरी लोगों को बैठाया जा रहा है। एक व्यक्ति AWPN के पद पर कार्यरत है, जबकि काम वह क्लर्क का कर रहा है। क्योंकि सारा भ्रष्टाचार का खेल क्लर्क वाली सीट से ही चल रहा है। उसके साथ एक बाहरी व्यक्ति भी बैठा रहता है जो उसके काम में मदद करता है।
एसडीएम ऑफिस में एक व्यक्ति ऐसा है, जिसका दो बार ट्रांसफर हो चुका है, लेकिन भ्रष्टाचार में शामिल होने के कारण उसे रिलीव नहीं कर रहे। बल्कि एसडीएम की तरफ से डीसी ऑफिस में रिक्वेस्ट भेजी गई है कि उसका ट्रांसफर ना किया जाए। भ्रष्टाचार के मामले में अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
सूत्रों का कहना है कि 2019-20 में एक घोटाला हुआ था, जिसके बाद इस व्यक्ति को हटा दिया था। उसके बाद एक टेस्ट हुआ, जिसमें वह फेल हो गया। बाद में उसे एमटीएस के पद पर ज्वाइन करवाया गया। लेकिन वह कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर काम कर रहा है, जो गलत है। वह पिछले 3 साल से एक ही पद पर बैठा है और 2 बार ट्रांसफर होने के बाद भी उसे रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
एसडीएम मुकुंद तंवर ने कहा कि किसी काम में गड़बड़ी या भ्रष्टाचार के कोई सबूत हैं तो वह लिखित शिकायत लेकर मेरे पास आए। 30 दिन के अंदर उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। एसडीएम ऑफिस में रोहतक के किसी डीलर को पकड़ने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है।
एसडीएम मुकुंद तंवर ने कहा कि जिस व्यक्ति का ट्रांसफर हुआ है, उसके लिए डीसी कार्यालय में रिक्वेस्ट भेजी गई है। कार्यालय में पूरी पारदर्शी तरीके से काम किया जा रहा है। किसी को कोई दिक्कत है तो वह मोटिवेटिड है। कार्यालय में स्टाफ को रोटेशन बेस पर प्रयोग करते हैं।
एसडीएम मुकुंद तंवर ने कहा कि उनके हस्ताक्षर के बिना अगर किसी ने कोई नोटिस लगा रखा है तो उसका सबूत लेकर आए, तुरंत कार्रवाई करेंगे। कुछ लोगों को पहले बदला भी है, जो सही से काम नहीं कर रहे थे। फिर भी किसी को कोई परेशानी है तो उसके सबूत लेकर आ सकता है

