हरियाणा में मानसून का असर अभी खत्म नहीं हुआ। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के मुताबिक रविवार को सिरसा और फतेहाबाद में मौसम साफ रहेगा, जबकि अन्य 20 जिलों में बारिश की संभावना है।

हरियाणा में इस बार मानसून ने रिकॉर्ड तोड़ बरसात दी है। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में सामान्य से 47 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। 6 सितंबर तक जहां औसतन 373.9 एमएम बारिश होनी चाहिए थी, वहीं अब तक 550.9 एमएम बारिश हो चुकी है।

इस सीजन में सबसे ज्यादा बारिश यमुनानगर जिले में 1059.2 एमएम और महेंद्रगढ़ में 810.6 एमएम दर्ज की गई है। वहीं, सबसे कम बारिश सिरसा में 309.3 एमएम और भिवानी में 352.4 एमएम दर्ज हुई है। असमान बारिश ने प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं।

हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से लेकर मध्य भारत तक मानसून टर्फ सक्रिय है। वहीं, राजस्थान और पंजाब के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है और अरब सागर से नमी वाली हवाएं हरियाणा की ओर बढ़ रही हैं। इसी कारण 8 सितंबर तक कई जिलों में बारिश के आसार हैं। उधर, पंजाब की बाढ़ को देखते हुए केंद्र ने उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक स्थगित कर दी है।

सिरसा, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूंह, पलवल, कैथल, करनाल और कुरुक्षेत्र में कुछेक स्थानों पर बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं फतेहाबाद, हिसार, जींद, रोहतक, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम और नूंह में मौसम साफ रहने की संभावना है। जींद, रोहतक, फरीदाबाद, पलवल, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत और सोनीपत में कुछेक स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। अंबाला, यमुनानगर और करनाल में मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

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