खंडग्रास चंद्रग्रहण, 7 सितंबर 2025 :-

भाद्रपद पूर्णिमा, रविवार की रात को यह चंद्रग्रहण लग रहा है यह ग्रहण भारत में भी दृश्य होगा, अतः इसके सभी नियम पालनीय होंगे ।। भारत में चंद्र उदय साय काल में होता हैं और ग्रहण मध्य रात्रि में हैं ।।

ग्रहण की समय सारणी :-

ग्रहण स्पर्श (प्रारंभ) – रात्रि 9:57
ग्रहण मध्य – 11:42
ग्रहण मोक्ष (समाप्त) – 1:26
पर्वकाल – 3 घंटा 29 मिनट

ग्रहण का सूतक :-

सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले और चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले शुरू हो जाता हैं ।। इसीलिए इस ग्रहण का सूतक दोपहर 12:57 से प्रारंभ हो जाएगा ।। इस समय सशक्त व्यक्तियों को भोजन छोड़ देना चाहिए ।। इससे आयु, आरोग्य, बुद्धि की विलक्षणता बनी रहेगी ।। परंतु जो बालक, बूढ़े, बीमार व गर्भवती स्त्रियाँ हैं वे ग्रहण से 1.5 प्रहर (4.5 घंटे) पहले तक चुपचाप कुछ खा – पी लें तो चल सकता है ।। इसके बाद खाने से स्वास्थ्य की बड़ी हानि होती है ।। गर्भवती महिलाओं को तो ग्रहण के समय खास सावधान रहना चाहिए ।।

सूतक के पहले जिन पदार्थों में कुश, तिल या तुलसी पत्ते डाल दिये जाते हैं वे सूतक व ग्रहण काल में दूषित नहीं होते ।। दूध या दूध से बने व्यंजनों में तिल या तुलसी न डालें ।। कुश आदि डला पानी सूतककाल में उपयोग में ला सकते हैं ।।

ग्रहण के दौरान न करें ये काम :-

1. चंद्र ग्रहण के समय में भोजन करना वर्जित माना गया है ।।
2. कोई भी नया काम आरंभ न करें और ना ही कोई मांगलिक कार्य करने चाहिए ।।
3. नाखून कांटना, कंघी करना वर्जित माना गया है ।।
4. शौच इत्यादि के लिए ना जाएं ।।
5. ग्रहण के समय सोना नहीं चाहिए ।।
6. चाकू या धारदार चीजों का इस्तेमाल न करें ।।
7. ग्रहण से पहले पके हुए भोजन में जैसे :- अचार, मुरब्बा, चटनी, दूध, दही में कुशा डालकर रख दें ।।
8. ग्रहण के समय में घर के मंदिर के कपाट बंद करके रखें ।।
9. मोबाइल इत्यादि का प्रयोग ना करे, अपना समय भगवान के ध्यान में ही व्यतीत करें हैं ।।
10. तेल – मालिश करने या उबटन लगाने से कुष्ठरोग होने की सम्भावना बढ़ जाती है ।।
11. पत्ते, तिनके, लकड़ी, फूल आदि न तोड़ें ।। दंतधावन, अभी ब्रश समझ लो, न करें ।।
12. चिंता करते हैं तो बुद्धिनाश होता है ।।

ग्रहण के समय ये करना है :-

1. ग्रहण के समय में इष्ट देव का पूजन, उनके मंत्रों का जप और हवन इत्यादि कर्म करें ।। क्योंकि जितना पुण्य 1 वर्ष में कमाया जाता है उतना ग्रहण के दिन ही कमाया जा सकता ।।
2. चंद्र ग्रहण में दान करना बेहद शुभ माना गया है ।।
3. ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करें ।।
4. ग्रहण समाप्त होने के बाद घर की सफाई करें ।।
5. घर में गंगाजल का छिड़काव करें ।।
6. सूर्यग्रहण के समय रुद्राक्ष – माला धारण करने से पाप नष्ट हो जाते हैं परंतु फैक्ट्रियों में बननेवाले नकली रुद्राक्ष नहीं, असली रुद्राक्ष हों ।।

7. मंत्रदीक्षा में मिले मंत्र का ग्रहण के समय जप करने से उसकी सिद्धि हो जाती है ।।

8. चन्द्रग्रहण के समय किया हुआ मंत्रों का जप लाख गुना और सूर्यग्रहण के समय किया हुआ जप 10 लाख गुना फलदायी होता है ।। यदि गंगा जल पास में हो तो चन्द्रग्रहण में एक करोड़ गुना और सूर्यग्रहण में दस करोड़ गुना फलदायी होता है ।।

विशेष :- गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय बाहर नहीं निकलना चाहिए ।। माना जाता है कि इससे गर्भस्थ शिशु पर ग्रहण का अशुभ प्रभाव पड़ सकता है ।।

ग्रहण का राशियों पर प्रभाव :-

मेष – धन लाभ, उन्नति
वृष – रोग, शरीर पीड़ा
मिथुन – संतान संबंधी गुप्त चिंता
कर्क – शत्रु भय, साधारण लाभ, खर्च
सिंह – स्त्री/पति संबंधी परेशानी
कन्या – रोग, गुप्त चिंता, संघर्ष
तुला – खर्च अधिक, कार्य विलंब
वृश्चिक – कार्य सिद्धि, लाभ
धनु – धन लाभ, उन्नति
मकर – धन हानि, व्यर्थ यात्रा
कुंभ – दुर्घटना, शरीर कष्ट, शत्रुता
मीन – धन हानि, चिंता

वासुदेव ज्योतिष अनुसंधान केंद्र
पं अनुराग शास्त्री, रोहतक
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