भारत की पाकिस्तान पर ऑपरेशन सिंदूर एयर स्ट्राइक के बाद हरियाणा और पंजाब से 11 दिन में 7 पाकिस्तानी जासूस पकड़े जा चुके हैं। पहले 8 मई को मालेरकोटला में 2 जासूस पकड़े गए। 13 मई को पानीपत से नोमान इलाही गिरफ्तार हुआ। इसके बाद पुलिस ने हिसार, नूंह, कैथल और जालंधर से जासूस गिरफ्तार किए।
इन सभी की गिरफ्तारी के बाद कुछ कॉमन चीजें सामने आई हैं। जिसमें जासूसी के 6 आरोपियों का वीजा को लेकर नई दिल्ली में पाकिस्तानी एंबेसी से संपर्क हुआ। हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के तो पाकिस्तानी एंबेसी अधिकारी दानिश से लिंक तक मिले। इन सभी ने पाकिस्तान की यात्रा भी की। खास बात ये भी है कि ये सभी 20 से 35 साल की उम्र के यानी युवा हैं। इस उम्र में पैसे और हनीट्रैप के लालच से फंसाना आसान है। वहीं सभी मिडिल क्लास फैमिलीज से हैं। पुलिस सोर्सेज से बात की तो पता चला कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही पाकिस्तान से जुड़े लोगों पर नजर थी। इनकी कॉल और चैटिंग को इंटरसेप्ट किया गया तो इनके पाकिस्तानी जासूस होने का पता चला। जिसके बाद इन्हें अरेस्ट कर लिया गया।
इन्होंने जासूसी कैसे की, कौन सी खुफिया सूचना पाकिस्तान को दी, बदले में क्या मिला
ज्योति पर आरोप?

नोमान पर आरोप
देवेंद्र पर आरोप?
अरमान पर आरोप?
अरमान ने पाकिस्तानी एजेंटों के निर्देश पर भारतीय सिम कार्ड उपलब्ध कराए। 2025 में डिफेंस एक्सपो की साइट का दौरा किया। दो बार पाकिस्तान जा चुका है। 2023 से भारत स्थित पाकिस्तानी एम्बेसी के अधिकारी दानिश के संपर्क में था। उसे खुफिया जानकारियां भेज रहा था। पुलिस को अरमान के पास से एक फोन मिला है। उसे कोर्ट में पेश कर 6 दिन के रिमांड पर लिया गया है।

कैराना निवासी जासूस नौमान इलाही से शनिवार को भी एजेंसियों ने पूछताछ की। उसके पास 3 सिम थे। दो नंबरों से इकबाल काना को वीडियो व फोटो भेजता था। नौमान के मोबाइल में इकबाल काना का वॉयस नोट भी मिला, जिसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद उससे पठानकोट व गुरदासपुर से आने वाली फौज के बारे में जानकारी मांगी गई थी।
नौमान इलाही?

मुर्तजा ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान एक विशेष एप बनाया था, जिसके जरिए वह भारतीय न्यूज चैनलों की सामग्री और देश के आंतरिक हालातों की खबरें पाकिस्तान भेजता था। इसके बदले में उसे पाकिस्तान से मोटी रकम प्राप्त होती थी। आरोपी के कब्जे से 4 मोबाइल फोन और 3 सिम कार्ड बरामद हुए थे। भारत पाकिस्तान युद्ध के कई संदिग्ध वीडियो और न्यूज के लिंक और फोन नंबर मिले थे। एक महीने में 40 लाख रुपये की संदिग्ध लेन-देन के चलते वह शक के घेरे में आया।
फरवरी 2025 में पाकिस्तान उच्चायोग में वीजा के लिए गई, जहां उसकी मुलाकात दानिश से हुई और जासूसी के नेटवर्क से जुड़ी। वह सेना के ट्रक (आवाजाही) और सेना के ठिकानों के अलावा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी साझा कर रही थी। UPI के माध्यम से ₹30,000 का ट्रांजैक्शन मिला। पंजाब पुलिस ने उसके साथ मालेरकोटला के ही यामीन मोहम्मद को भी गिरफ्तार किया। अप्रैल 2025 में अपनी सहेली बानू नसरीना के साथ दोबारा उच्चायोग गई, जहां दानिश ने वीजा की सुविधा दिलाई।
