जीरकपुर में हरियाणा रोडवेज बस के कंडक्टर और ड्राइवर के साथ सरेआम बाइक सवार और उसके साथियों द्वारा मारपीट करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसमें रोडवेज कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की भी एंट्री हो गई है। जीरकपुर थाना पुलिस भी आरोपों के घेरे में है। पुलिस वहां पर तैनात थी और पुलिस पर एक पक्षीय कार्रवाई करने के आरोप हैं। कर्मी नेता पहुंचे तो वहां पर ड्राइवर को हवालात में बंद किया हुआ था।

हमलावर बाइक चालक और उसके साथी थाने में बाहर बेखौफ घूम रहे थे। उन पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके साथ मारपीट हुई, उसे ही हवालात में बंद कर दिया। संयुक्त मोर्चा ने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रशासन को 2 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। अगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो चंडीगढ़ डिपो में धरना प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है।

रोडवेज संयुक्त मोर्चा सदस्यों ने बताया कि घटना के बाद ड्राइवर की पांच घंटों बाद भी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इसके बजाय उसे ही जीरकपुर पुलिस थाने में हवालात में बंद रखा। जब वह सभी पदाधिकारी थाने में गए तो उसे छुड़वाया। आखिर बाइक चालक और बाकी 10 से 12 हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। वहीं हमलावरों की ओर से पहले ही झूठा और बेवजह केस दर्ज कर लिया गया।

संयुक्त मोर्चा का कहना है कि बस बाइक से भिड़ी तक नहीं थी। उसके पास से गुजरी थी, क्योंकि साइड में पंजाब रोडवेज की बस ओवरटेक कर रही थी। ऐसे में फ्लाइओवर पर जगह नहीं थी। इसी बात को लेकर बाइक चालक बलविदर ने अपने बेटे और साथियों को बुलाकर रोडवेज कंडक्टर हिम्मत सिंह और ड्राइवर अमित को पीट दिया।

संयुक्त मोर्चा ने बताया कि पहले रोडवेज कंडक्टर और ड्राइवर को सभी ने बुरी तरह पीटा। कंडक्टर को तलवार से ज्यादा चोटें लगी तो किसी ने उसे अस्पताल भेज दिया। ड्राइवर को वहीं पर बस के आगे बैठाए रखा और तलवार के दम पर उसे गलती मानकर माफी मंगवाने पर मजबूर कर लिया। जबकि पुलिस वहीं पर मौजूद थी और ट्रैफिक जाम खुलवा रही थी। किसी पुलिसकर्मी ने बीचबचाव नहीं किया और न ही ड्राइवर को उनके चुंगल से छुड़वाया।

गुरुवार को एक वीडियो सामने आया था, जिसमें बस में कंडक्टर और ड्राइवर के साथ कुछ लोग मारपीट कर रहे थे। उनमें से एक व्यक्ति सरेआम तलवार लिए हुए था। इसके बाद शुक्रवार को एक ओर वीडियो वायरल हुआ, जिसमें रोडवेज ड्राइवर से माफी मंगवाई जा रही है। यूनियन का आरोप है कि ड्राइवर को तलवार के दम पर बस के आगे बैठाया और गलती मानने को मजबूर किया है, जबकि बस बाइक को टच भी नहीं हुई थी।

यह मामला पंजाब के जीरकपुर में फ्लाइओवर का है। अब दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी तरफ से जीरकपुर थाना पुलिस को शिकायत दी है। वहीं यूनियन का आरोप है कि बाइक चालक ने अपनी दाड़ी के बाल उखाड़कर इस मामले को धर्म से जोड़ा जा रहा है, जबकि ऐसा कुछ नहीं है।

ड्राइवर अमित जींद के जुलाना का निवासी है और करीब दो साल से चंडीगढ डिपो में ड्यूटी थी। इससे पहले गुरुग्राम डिपो में ड्यूटी थी। कंडक्टर हिम्मत सिंह जींद के गांव ईगराह का रहने वाला है। हाल ही में करीब दो से तीन माह पहले कौशल निगम के तहत हरियाणा रोडवेज में कंडक्टर के तौर पर ज्वाइनिंग हुई थी।

वायरल वीडियो में बलविंदर सिंह अपने दिए बयान में बता रहा है कि वह अपनी बेटी का यूनिवर्सिटी में दाखिला के लिए पता करने के लिए उसके साथ बाइक पर जा रहा था। मेरा बाइक रोड के बिलकुल व्हाइट यानी सफेद पट्टी पर था। रोडवेज ड्राइवर बस को पूरी तरह उसकी बाइक की ओर दबा दी। मेरा एक पांव फ्लाइओवर की दीवार को टच हुआ और मुश्किल से बचा। जब मैंने कंडक्टर से कहा कि बस को थोड़ा दूर कर लो तो कंडक्टर बोला कि तू फ्लाइओवर से दूसरी तरफ क्यों नी चलां जांदा।

बदविंदर बोला, मैं पुल की दीवार पार करके कैसे जाता। मैंने दोबारा फिर बस को दूसरी तरफ करने की बात कही तो वह गालीगलौज पर उतर आया। मैंने कहा कि सरदार तेरे 12 बजां दा गां। उसके बाद पुल से नीचे उतरते ही उसने उसके साथ हाथापाई की और उसकी दाढी के बाल फाड़ दिए। उसके साथ उसकी बेटी भी थी।

यह भी आरोप लगाया कि हरियाणा रोडवेज ने ये गूंडे पाले हुए हैं। जो आम पब्लिक को कुछ समझते ही नहीं है और जान माल की कोई कीमत नहीं है। इनका रोज का काम है। इन्होंने चंडीगढ हाईवे को नेशनल हाईवे बना रखा है। बसों की स्पीड 100 से कम नहीं होती।

हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ से प्रदेशाध्यक्ष एवं संयुक्त मोर्चा सदस्य जगदीप लाठर ने बताया कि वह सभी कंडक्टर और ड्राइवर के साथ है और पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इस दौरान प्रधान दीपक हुड्‌डा, चंडीगढ लोकल बॉडी से प्रधान प्रवीण डागर और विरेंद्र गोरी, जसमेर, राजकुमार सहित अन्य कर्मचारी नेता मौजूद रहे। अगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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