उत्तराखंड के चारों धाम केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री तीर्थ स्थल हैं. हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां तीर्थयात्रा पर आते हैं. उत्तराखंड की चार धाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है. शुरुआत नें चारों धाम में श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. इसी बीच रुद्रप्रयाग के जिले में स्थित केदारनाथ धाम का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो को देखकर लोग चौंके हुए हैं.वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी और गुस्सा भी है. दरअसल, जो वीडियो वायरल हुआ है, उसमें केदारनाथ मंदिर परिसर के पीछे कुछ युवक बड़े स्पीकर पर बज रहे तेज पंजाबी गानों पर डांस देखें जा रहे हैं. ये शाम के समय का दृश्य लगता है. इसलिए लोग नाराज और गुस्से में हैं. लोग ऐसा करने वाले युवकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. साथ ही कह रहे हैं कि मंदिर प्रशासन इस तरह की घटनाओं पर ध्यान दे. ताकी फिर ऐसा न हो.वीडियो में केदारनाथ मंदिर परिसर के पीछे एक स्पीकर देखा जा सकता है. पार्टी लाइट भी देखी जा सकती है. स्पीकर में पंजाबी गाने बज रहे हैं और युवक नाच रहे हैं. ये वीडियो सोमवार को सामने आया. इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. लोगों ने मंदिर जैसे पवित्र स्थल पर इस तरह का व्यवहार करने की निंदा की.सोशल मीडिया पर किसी ने लिखा कि केदरानाथ धाम की ये कैसी दुर्दशा करके रख दी. वहीं किसी ने लिखा कि ये युवक बाहर के हैं. इन्होंने धाम की मर्यादा भंग की है. इनको कड़ी सजा दी जानी चाहिए. ताकि जो भी लोग इस तरह की सोच रखते हैं, उनमें एक संदेश जाए. ये बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होना चाहिए.गौरतलब है कि केदारनाथ धाम हिंदुओं की आस्था का एक पवित्र केंद्र है. हर साल लाखों श्रद्धालु श्रद्धा, भक्ति और आत्मिक शांति के लिए यहां आते हैं. ऐसे में ये जो वीडियो वायरल हुआ इसने कई श्रद्धालुओं को आहत कर दिया.
वीडियो सामने आने के बाद खड़े हुए ये सवाल
कैसे ये स्पीकर मंदिर तक पहुंचे, भगवान शिव के पवित्र धाम में कैसे पंजाबी गानों में भांगड़ा करने दिया गया जबकि यात्रा मार्ग पर और मंदिर परिसर में प्रशासन की कड़ी निगरानी रहती है या फिर इस मामले में कोई ढील बरती गई. युवक कौन हैं और किस राज्य के रहने वाले हैं, अभी इसकी कोई जानकारी नहीं है. वीडियो के वायरल होने के बाद आम लोगों के साथ-साथ धार्मिक संगठनों ने भी शासन और प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं. उनकी मांग है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाए और धार्मिक स्थलों की गरिमा को बनाए रखने के लिए सख्त नियम लागू किए जाएं. बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन तक यह वीडियो पहुंचा है और मंगलवार को इस मामले में कार्रवाई की जा सकती है.
