रोहतक जिले में आईआईटी संस्थान लाने के लिए गांव मदीना में पंचायत हुई, जिसमें ग्रामीणों ने संस्थान के लिए जमीन उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया। साथ लगते गांवों के सरपंचों से भी इस मामले में बात की और प्रस्ताव तैयार कर सरकार के पास भेजने का फैसला लिया है। अब गेंद सरकार के पाले में है कि रोहतक में संस्थान आएगा या नहीं।
पंचायत के दौरान गांव मदीना के सरपंच संदीप दांगी ने बताया कि अगर आईआईटी संस्थान यहां आता है तो गांव में आर्थिक तरक्की के रास्ते खुलेंगे। साथ ही अन्य गांवों को भी इसका लाभ मिलेगा। क्षेत्र के युवाओं को दूसरी जगह जाने की जरूरत नहीं रहेगी और रोहतक शिक्षा की दृष्टि से भी विकसित हो जाएगा। लेकिन भाजपा नेता इस बारे में क्या सोच रहे है, यह देखने वाली बात है।
गांव मदीना के सरपंच संदीप दांगी ने बताया कि संस्थान के लिए ग्रामीण अपना सहयोग कर सकते है। गांव गिरावड़ व अजायब के सरपंचों से भी बात की गई है। संस्थान के लिए 300 एकड़ जमीन देनी है। इसमें गांव मदीना के ग्रामीण सहयोग करने को तैयार है। इसकी रिपोर्ट तैयार करवाकर सरकार को भेज दी जाएगी।

हरियाणा में एकमात्र आईआईटी लाने का प्रयास सरकार कर रही है। इसके लिए 300 एकड़ जमीन चाहिए। कई जिलों में पंचायत हुई है, जो जमीन देने का तैयार है। रोहतक में भी पंचायत कर जमीन देने का निर्णय लिया है। लेकिन रोहतक में पहले से ही हरियाणा का एकमात्र आईआईएम संस्थान है। इसके साथ ही हेल्थ यूनिवर्सिटी जैसा हेल्थ क्षेत्र का बड़ा संस्थान मौजूद है। ऐसे में आईआईटी का रोहतक आना मुश्किल नजर आ रहा है।
हरियाणा के जिन क्षेत्रों से अभी तक संस्थान के लिए प्रस्ताव दिए गए है, वहां भाजपा के सांसद या विधायक मौजूद है। लेकिन रोहतक में भाजपा का ना तो कोई विधायक है और ना ही कोई सांसद। ऐसे में रोहतक के अंदर इतना बड़ा संस्थान भाजपा सरकार में मिलना आसान नहीं है।
