रोहतक अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा राज्य कमेटी ने हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर दिल्ली जाने वाले किसानों को नोएडा और शंभू बॉर्डर पर पुलिस बल से रोकने और गिरफ्तारियां करने की कड़ी निंदा की है। सरकार की वायदाखिलाफी के चलते ही आज देश भर के किसानों में आक्रोश है । गत 26 नवंबर को राष्ट्रीय स्तर पर पिछले आंदोलन के चार साल होने पर चेतावनी दिवस का आयोजन करके राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिये गए । आश्वासन दिए जाने के बावजूद लंबित मुद्दों को सरकार हल नहीं कर रही । सी-2+50% फार्मूला पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीद की कानूनी गारंटी, कर्जा मुक्ति, किसान मजदूरों को पेंशन, बिजली संशोधन बिल की वापसी जैसी बुनियादी मांगें अभी भी लंबित हैं। केंद्र व हरियाणा सरकार झूठ बोल रही हैं कि वे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद कर रही हैं। हाल में ही धान, बाजरा व दालों की बिक्री में किसानों की लूट हुई है।


    प्रेस बयान जारी करते हुए किसान सभा राज्य प्रधान बलबीर सिंह और महासचिव समित दलाल ने बताया कि आज किसान सभा हरियाणा के राज्य पदाधिकारियों की मीटिंग रोहतक में हुई जिसमें किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के सवाल पर विचार किया गया।
सरकार के विश्वासघात के खिलाफ किसान दिल्ली जाकर प्रदर्शन करना चाहते हैं लेकिन सरकार किसानों को दिल्ली नहीं जाने देना चाहती और हर रोज किसानों को गिरफ्तार कर रही है । शांतिपूर्ण ढंग से देश की राजधानी की ओर जाने से रोकना तानाशाही का कदम है और संवैधानिक अधिकारों का हनन है।


इस मौके पर मीटिंग में राष्ट्रीय उपप्रधान इंद्रजीत सिंह ,राज्य उपप्रधान फूल सिंह, कोषाध्यक्ष डिंपल, प्रीत सिंह, मौजूद रहे ।

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