बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उनके खिलाफ मुंबई के खार पुलिस स्टेशन में सिख समुदाय पर की गई टिप्पणी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। उनपर कथित तौर पर पूरे सिख समुदाय को खालिस्तानी आतंकवादी कहने का आरोप लगाया गया है। इसके लिए कंगना ने अपने इंस्टाग्राम का सहारा लिया था।
कंगना रनौत के खिलाफ दर्ज एफआईआर कॉपी में विशेष रूप से उनकी इंस्टाग्राम स्टोरी का जिक्र है जिसमें उन्होंने लिखा था, “खालिस्तानी आतंकवादी आज सरकार को घुमा सकते हैं। लेकिन एक महिला को नहीं भूलना चाहिए। एकमात्र महिला प्रधानमंत्री ने इनको कुचल दिया था। इस देश के लिए चाहे कितनी भी पीड़ा हो, लेकिन देश के टुकड़े नहीं होने दिए। उनकी मृत्यु के दशकों बाद आज भी उनके नाम से कांपते हैं ये, इनको वैसा ही गुरु चाहिए।”
FIR registered against actor Kangana Ranaut in Mumbai for allegedly portraying the farmers’ protest as Khalistani movement and calling them ‘Khalistanis’ on social media pic.twitter.com/qjuBmsPzYX
— ANI (@ANI) November 23, 2021
कंगना रनौत की निम्नलिखित टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुक्रवार को कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा के बाद आई थी।
पीएम मोदी द्वारा तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा के बाद, कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा था, ‘सड़कों की शक्ति ही एकमात्र शक्ति है, जो मायने रखती है, कृषि कानूनों को निरस्त करने के मद्देनजर साबित हुई ‘दुखद, शर्मनाक और बिल्कुल अनुचित… अगर सड़क पर लोगों ने कानून बनाना शुरू कर दिया है और संसद में चुनी हुई सरकार नहीं है तो यह भी एक जिहादी राष्ट्र है … उन सभी को बधाई जो ऐसा चाहते थे।’
19 नवंबर को, पीएम मोदी ने संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में तीन कृषि कानूनों को आधिकारिक रूप से निरस्त किए जाने की घोषणा की थी। गुरुपर्व के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रदर्शन कर रहे किसानों से अपने घरों को लौटने की अपील की थी। पीएम मोदी ने विरोध कर रहे किसानों से अपने घरों, परिवारों और खेतों की ओर वापस जाने का आग्रह किया था। हालांकि, किसान संघों के एक निकाय, संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने कहा कि वह तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रखेगा जब तक कि केंद्र उसकी छह मांगों को पूरा नहीं कर लेता।
