रोहतक में विजय अपने बेटे दिग्विजय को भाई दूज पर टीका लगवाकर लौट रहा था। विजय गांव निगाना के सरकारी स्कूल में शिक्षक था और तीन बच्चे (2 बेटी व एक बेटा) है। बेटा दिग्विजय बेटी प्राची व बेटी त्रिशांशी जींद में पढ़ते हैं। इसलिए विजय की पत्नी सरिता भी बच्चों के पास ही जींद में रहते थी और विजय मां-बाप के पास गांव में रहते थे। दीपावली पर सरिता और दिग्विजय गांव आए हुए थे और दोनों बेटियां जींद में ही रह रही थी। इसलिए उन्होंने रविवार को भाई दूर पर जींद जाने का फैसला किया। ताकि दिग्विजय अपनी दोनों बहनों से भाई दूज पर दीर्घायु का टीका लगवा सके।

इसलिए पति-पत्नी बेटे दिग्विजय को भाई दूज का टीका लगवाने के लिए कार में सवार होकर जींद गए थे। वहां पर उन्होंने दोनों बेटियों के साथ मिलकर भाई दूज बनाया और बहनों ने अपने भाई दिग्विजय को भाई दूज का टीका लगाया। इसके बाद रविवार रात को विजय, सरिता और दिग्विजय कार में सवार होकर वापस गांव आने के लिए चल पड़े।

जानकारी के अनुसार घर लौटते समय विजय कार चला रहा था। वहीं उनकी पत्नी आगे वाली साइड सीट पर बैठी थी। वहीं बेटा दिग्विजय पीछे की सीट पर बैठा हुआ था। जब वह 152डी एक्सप्रेस-वे पर गांव बसाना व कलानौर के बीच पहुंचा तो वहां सड़क पर एक ट्रक खड़ा हुआ था। रात को अंधेरा अधिक होने के कारण कार सड़क पर खड़े ट्रक से जा टकराई। हादसा इतना भयानक था कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई और कार क्षतिग्रस्त हो गई।

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