कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर पिछले एक साल से चल रहे किसान आंदोलन स्थल पर लोगों के जोड़ों का निशुल्क उपचार कर रहे बाबा गुरमीत मालजी की झोपड़ी में देर रात अचानक आग लग गई। घटना में एक महिला झुलस गई, जबकि 4 अन्य लोगों ने भाग कर जान बचाई। किसानों का आरोप है कि आग किसी ने साजिशन लगाई है। महिला को उपचार के लिए रोहतक पीजीआई ले जाया गया, जहां से उसे परिजनों के आग्रह पर पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। आग पर किसानों ने मशक्कत से काबू पाया। आग से बाइक, सामान व नकदी जल गई।

मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब निवासी गुरमीत सिंह किसान आंदोलन की शुरुआत से ही कुंडली बॉर्डर पर रहकर किसानों के जोड़ों के दर्द का उपचार करते हैं। उनकी झोपड़ी में गुरुवार सुबह अचानक आग लग गई। झोपड़ी और इसके आसपास पांच लोग थे। आग लगने से बाबा झोपड़ी से बाहर निकले। इस बीच अफरा तफरी में एक महिला दलजीत कौर आग की चपेट में आ गई। अरविंद सिंह गिल ने बताया कि घायल महिला खरड़ की रहने वाली है।

बाबा गुरमीत ने बताया कि आग से झोपड़ी में रखा सामान व नकदी तथा बाइक जल गई। किसानों का आरोप है कि आंदोलन को प्रभावित करने के लिए शरारती तत्व आग लगा रहे हैं। 5 नवंबर को भी झोपड़ी में आग गई थी। आग लगने की घटना को लेकर बाबा गुरमीत सिंह ने रोते हुए बताया कि इससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है।

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