चंडीगढ़ में 1 जुलाई से नए सुरक्षा कानून लागू होने जा रहे हैं। इसकी जानकारी खुद एसएसपी चंडीगढ़ कंवरदीप कौर ने दी है। उन्होंने बताया है कि सभी थानों में इन कानून को लेकर व्यवस्था कर दी गई है। जल्द ही जांच अधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे।
नए कानून से सिस्टम में पारदर्शिता आएगी। इसमें हर काम के लिए समय निर्धारित किया गया है। इसलिए सभी कर्मचारी और अधिकारियों को समय पर काम करना होगा। शहर के निवासियों को अब पुलिस थानों में नाजायज चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जो लोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी गवाही देना चाहते हैं, उनके लिए शहर में अलग-अलग जगह पर कुछ केंद्र बनाए जाएंगे। इसमें डीसी ऑफिस, एसडीएम ऑफिस, अस्पताल और शहर के कुछ स्थानों को चिह्नित किया गया है। यहां पर पहुंचकर कोई भी व्यक्ति वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी गवाही दे सकता है। इससे उसका समय भी बचेगा और काम भी सुचारू ढंग से किया जा सकेगा।
यह कानून लागू होने के बाद कुछ बदलाव आएंगे। उनके लिए चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों को ट्रेनिंग दी गई है। इस पर पिछले कई महीनों से काम चल रहा था। अब उसे लगभग पूरा कर लिया गया है।
भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य संहिता को लागू करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस एक ऐप लॉन्च किया था। इस ऐप में तीन नए कानूनों से जुड़ी सारी जानकारी उपलब्ध है।इसको कोई भी व्यक्ति प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकता है। चंडीगढ़ पुलिस का प्रयास है कि लोगों को पूरी जानकारी मिल सके। इस ऐप में लोग नए और पुराने दोनों कानूनों के प्रावधान और उनके बीच के अंतर को जान सकते है।
तीन नए कानूनों के लागू होने के बाद कई बदलाव होंगे। किसी भी वारदात के पीड़ित और महिलाओं के अधिकारों में भी बदलाव किया गया है।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 22 दिसंबर 2023 को चंडीगढ़ का दौरा किया था।उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस के आला अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि नए कानूनों को जल्द से जल्द लागू करने की तैयारी की जाए। इसको लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने 550 फ्रंट लाइन अधिकारियों को तीन नए कानूनों का प्रशिक्षण भी दे दिया है।
