महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय की दाखिला प्रक्रिया का प्रॉस्पेक्टस जारी होते ही मंगलवार को आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन CYSS ने एमडीयू की चार गुना फीस बड़ौतरी के विरोध में दाखिला कमेटी के कनवीनर एवम् एमडीयू के डीन एक्डेमिक प्रो.ए.एस मान को ज्ञापन सौंपा।
छात्र नेता दीपक धनखड़ ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय में 5 साल वाले पाठ्यक्रमों जिनमे ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन एक साथ हो जाती थी उनको बंद करके 4 साल के पाठ्यक्रम शुरू कर दिए हैं जिनमे केवल ग्रेजुएशन होगी । पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए दोबारा से 1 साल के लिए दाखिला लेना होगा ।
धनखड़ ने बताया की नई शिक्षा नीति लागू होने से हर विभाग की फीस चार गुना तक बढ़ा दी गई है , पहले इंटीग्रेटेड कोर्स जिसमें 5 साल में ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन दोनो हो जाती थी जैसे एम.ए इकोनॉमिक्स , एम.ए इंग्लिश ,एम.ए हिस्ट्री , एमएससी गणित , एम.ए हिंदी, एम.ए पब्लिक एड जिनकी फीस सालाना ₹8500 थी लगभग 42 हजार मे पोस्ट ग्रेजुएशन हो जाती थी , अब नई शिक्षा नीति के तहत ये कोर्स 4 साल के कर दिए गए हैं जिनमें केवल ग्रेजुएशन डिग्री मिलेगी , पोस्ट ग्रेजुएशन अलग से होगी जिनकी फीस प्रतिवर्ष 30660 कर दी गई है , यानी चार गुना बढ़ा दी है । पहले यह फीस ₹8500 थी , इसी प्रकार बी.एस.सी गणित बीएससी जेनेटिक्स , बीकॉम , बैचलर ऑफ फाइन आर्ट जिनकी फीस पहले 8500 थी अब वह बढ़कर 40600 कर दी गई है , बी.सी.ए व होटल मैनेजमेंट जिनकी फीस पहले 45000 थी उनकी फीस बढ़ाकर अब 61000 कर दी गई है ।
यानी जो इंटीग्रेटेड कोर्स जिन में पोस्ट ग्रेजुएट हो जाती थी जिनकी पूरे कोर्स (पांच साल)की फीस 50000 लगती थी अब वह फीस 2 लाख से अधिक हो गई है , जिसमें पोस्ट ग्रेजुएशन की फीस अलग से देनी होगी ।
दीपक धनखड़ ने कहा कि किसी भी समाज ,प्रदेश ,देश का विकास तभी होता है जब उसे युवाओं को अच्छी गुणवत्ता व कम से कम खर्चे में पढ़ाई करने की सुविधा मिले लेकिन अब चार गुना फीस बढ़ाकर शिक्षा का निजीकरण किया जा रहा है , जिससे गरीब, मध्यम, किसान, मजदूर परिवार के बच्चों को शिक्षा से दूर करने की बहुत बड़ी साजिश रची जारी है ।
छात्र नेता अमन आलडिया ने बताया कि प्रदेश में दो महीने पहले ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसल लगभग नष्ट हो गई थी , फसल नष्ट होने के साथ किसान तो आर्थिक तंगी झेल रहे हैं , उनके साथ मजदूर भी , जिन्हे खेतों में काम नहीं मिल पाया वह भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं । ऐसे में सरकारी विश्वविद्यालय की फीस चार गुना तक बढ़ाना यह स्पष्ट कर देता है कि किसान मजदूर व मध्यम परिवार के विद्यार्थी जिनका स्वप्न महाविद्यालय में दाखिला लेने का वह एक सपना ही बनकर रह जाएगा ।
उन्होंने दाखिला प्रक्रिया के कन्वीनर व एमडीयू डीन एकेडमिक प्रो. ए.एस.मान से अनुरोध किया की बढ़ाई गई फीस जल्द से जल्द वापस ली जाए अन्यथा विद्यार्थी सड़कों पर उतरने पर मजबूर हो जाएंगे ।
इस मौके पर छात्र नेता दीपक धनखड़ , अमन आलडिया, साहिल चावरिया, ललित सैनी मोजूद रहे।
