नारनौंद के विश्वकर्मा धर्मशाला का शिलान्यास करने पहुंचे भाजपा सांसद रामचंद्र जांगड़ा का किसानों ने भारी विरोध किया। विरोध के दौरान सांसद की गाड़ी का अगला शीशा टूट गया। शीशा किसानों ने तोड़ा है या पुलिस की लाठी से टूटा है यह अभी स्पष्ट नहीं है। विरोध कर रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया है। इस लाठीचार्ज में कई किसान घायल हुए हैं, कई किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस के लाठीचार्ज करने के विरोध में और हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करवाने के लिए किसान रोड जाम करने की तैयारी में हैं।
सांसद रामचंद्र जांगड़ा नारनौंद में विश्वकर्मा धर्मशाला का शिलान्यास करने पहुंचे थे। सांसद के कार्यक्रम की सूचना मिलते ही सैकड़ों की संख्या में किसान मौके पर जमा हो गए थे किसानों की स्पष्ट चेतावनी थी कि यहां आने पर सांसद का काले झंडे दिखाकर विरोध किया जाएगा। हालात को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स को यहां पर तैनात किया गया था। सांसद का विरोध करने के लिए किसान काले झंडों के साथ मौके पर पहुंच और जिस गली से राज्यसभा सांसद को जाना है उस गली में ट्रैक्टर ट्रॉली को खड़ी कर रास्ता बंद कर दिया।
पुलिस दूसरे रास्ते से सांसद को कार्यक्रम स्थल तक लाई। इसके बाद किसानों ने सांसद का विरोध करना शुरू किया और बैरिकेडिंग से आगे बढ़ने लगे। इसके बाद पुलिस और किसानों के बीच टकराव हो गया जिसके बाद पुलिस ने किसानों पर लाठियां चलानी शुरू कर दी।
लाठी की चोट से सातरोड़ वासी कुलदीप सिंह को गंभीर चोटें आईं, इससे वह मौके पर ही बेहोश हो गया। पुलिस की कार्रवाई के विरोध में किसान रोड जाम करने की तैयारी में हैं। किसानों को इस बात पर ज्यादा गुस्सा है कि सांसद ने उनके लिए लफंगा और दारूबाज जैसे शब्दों का प्रयोग किया है। एक बार पहले ही इस तरह की बयानबाजी करने पर किसानों ने सांसद का रामायण टोल पर घेराव किया था उसके बाद सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने माफी मांगी तब किसानों ने उन्हें जाने दिया था।
