रोहतक जिले के गांव पटवापुर कलानौर निवासी सुनीता ने सदर पुलिस को शिकायत दी। इसमें उन्होंने बताया कि वह पटवापुर में लक्ष्मण उर्फ राजेश से शादीशुदा हैं। उनका मायका गांव चांग में है। सुनीता ने पुलिस को बताया कि वे छह भाई-बहन थे। उनका एक भाई रामनिवास था। इस भाई के खिलाफ सूरज नामक व्यक्ति ने 12 जुलाई 2020 को गुजरानी पुलिस चौकी में तहरीर दी थी।

इस मामले को सुलझाने के लिए 13 जुलाई को गांव चांग में पंचायत हुई थी। इस पंचायत में झूठा दबाव बनाकर उनके भाई रामनिवास को बेइज्जत किया गया। इससे आहत होकर उनके भाई रामनिवास ने उसी दिन आत्महत्या कर ली थी। इसलिए सदर पुलिस ने 14 जुलाई 2020 को आरोपी सूरज उर्फ बबलू, धर्मबीर, प्रदीप, धर्मबीर की पत्नी और धर्मबीर के भाई के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस केस से बचने के लिए सूरज और डॉ. धर्मबीर ने पुलिस से मिलीभगत कर सूरज की लड़की के नाम से 13 जुलाई 2020 को झूठा केस दर्ज कराया। इसमें सरकारी नौकरी में होने के बावजूद सूरज और डॉ. धर्मबीर ने उनके पति को भी आरोपी बना दिया।
इस मामले को सुलझाने के लिए आरोपियों ने गांव में पंचायत बुलाई। इसमें आरोपियों ने बताया कि गिरफ्तार होने पर उनके पति की सरकारी नौकरी चली जाएगी। इससे बचने के लिए उन्होंने 50 लाख रुपये मांगते हुए केस खारिज कराने की बात कही। इस पर उनके पति ने रुपये देने से मना कर दिया, लेकिन इस आरोप के कारण सुनीता के पति तनाव में रहने लगे। इस कारण पीजीआई रोहतक में उनका इलाज चला।
बाद में आरोपियों ने उनसे 18 लाख रुपये लेकर केस खत्म कराने का झांसा दिया। इसलिए पीड़िता ने कुछ लोगों की मौजूदगी में आरोपियों को 18 लाख रुपये दे दिए। इसके बावजूद उनके पति पर दर्ज केस खारिज नहीं हुआ। मांगने के बावजूद आरोपियों ने रुपये भी नहीं लौटाए। सुनीता ने मामले में गृहमंत्री के समक्ष गुहार लगाकर इस प्रकरण से जुड़े तथ्य भी रखे। इसके बाद एसपी के निर्देश पर सदर पुलिस थाने में पूर्व सरपंच सुरेश, सूरज, डॉ. धर्मबीर के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।

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