हरियाणा में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU), बोर्डों और निगमों के लगभग 20 हजार सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वृद्धावस्था पेंशन मिलने वाली है। 2015 में राज्य सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी थी। अब 9 साल बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हाल ही में अपने बजट भाषण में फिर से पूर्व कर्मचारियों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ देने की घोषणा की है।

हालांकि, सूत्रों का कहना है कि इन कर्मचारियों की वृद्धावस्था पेंशन और कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) पेंशन की कुल राशि 3,000 रुपए प्रति माह तक सीमित होगी। इसका लाभ इन्हें 1 अप्रैल से मिलना शुरू हो जाएगा।

वर्तमान में EPF पेंशन प्राप्त करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभ से बाहर रखा गया है, भले ही उनकी EPF पेंशन 3,000 रुपए से कम हो। 2015 के नोटिफिकेशन में EPF पेंशनभोगियों को वंचित कर दिया था, जिनमें से हजारों हरियाणा सरकार के तहत एचएमटी (पिंजौर), बोर्ड और निगमों के कर्मचारी थे, जिससे पूर्व कर्मचारियों में नाराजगी की भावना पैदा हुई थी।

सामाजिक संगठन शिवालिक विकास मंच के अध्यक्ष विजय बंसल ने बताया कि इनमें से अधिकांश कर्मचारियों को वर्तमान में 1,500 रुपए से 2,000 रुपए तक EPF पेंशन मिल रही है। बंसल ने कहा कि “वृद्धावस्था पेंशन योजना में संशोधन, उन्हें अधिकतम 3,000 रुपए की पेंशन का हकदार बनाता है, इन कर्मचारियों की वित्तीय कठिनाइयों को कुछ हद तक कम करने में काफी मदद करेगा।

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