किसान आंदोलन को लेकर पंजाब से दिल्ली जाने वाले किसानों को हरियाणा की सीमाओं पर रोका गया। कई सीमाओं को सील भी किया गया है। इसको लेकर चंडीगढ़ जाने वाली रोडवेज की बसों की चाल बिगड़ गई। रोहतक डिपो से चंडीगढ़ के मार्ग पर 25 बसें चलती हैं। डिपो से चंडीगढ़ करीब 249 किमी. दूर है। इसमें चंडीगढ तक 5:30 घंटे का समय लगता है। लेकिन, सीमाओं के सील होने से बसें करनाल से घूमकर गांवों के संपर्क मार्गों से चलाई जा रही हैं। इससे एक ओर जहां चंडीगढ़ से रोहतक की दूरी 320 किमी. हो गई है। वहीं सफर में अब 7 घंटे का समय लग रहा है।

इधर रोहतक से गुरुग्राम डिपो की दूरी जहां 82 किमी. है। इस सफर को यात्री दो घंटे में पूरा कर पाते थे। वहीं बदले मार्ग से बसें चलने से अब ये सफर 110 किमी. का हो गया है। गुरुग्राम पहुंचने में अब यात्रियों को तीन घंटे का समय लग रहा है। इसके अलावा अंबाला की दूरी 182 किमी. है। इसमें आमतौर पर यात्री 3 घंटे में पहुंच जाते थे। लेकिन अब यह दूसरी 215 किमी. हो गई है। जिससे यात्रियों को 4:30 घंटे तक सफर करना पड़ रहा है। इसके अलावा पंचकूला, जींद समेत कई मार्गों पर भी यही स्थिति बनी हुई है।

कर्मी बोले- 8 की बजाए 15 घंटे करनी पड़ रही ड्यूटी बदले रूट पर बसों को चलाने से जहां एक ओर यात्रियों को परेशानी हो रही है वहीं कर्मचारी भी इसको लेकर परेशान हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी ड्यूटी 8 घंटे की है, लेकिन रोजाना उन्हें 10 से 15 घंटे तक डयूटी करनी पड़ रही है। इसका कोई भी अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जा रहा है।

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