रोहतक 31 मार्च 2022 से पहले हरियाणा कौशल रोजगार निगम में तैनात कर्मचारियों को हटाने के आदेश से पब्लिक हेल्थ में खलबली मच गई है। मुख्य अिभयंता की ओर से जारी लेटर में 28 फरवरी तक चििहति कर्मचारियों को हर हाल में बाहर करने की सख्त हिदायत दी गई है।
यह कार्रवाई रोहतक से चंडीगढ़ मुख्यालय पहुंची शिकायत पर की जाने की तैयारी है, जिसमें बताया गया है कि बार-बार रिमाइंडर दिए जाने के बावजूद ये कर्मचारी वर्किंग मोड में आज तक नहीं आ रहे हैं। पब्लिक हेल्थ विभाग के रोहतक में 3 डिवीजन हैं। इनमें 100 से अधिक कर्मचारियों को वर्ष 2022 में 31 मार्च तक हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत काम पर रखा गया था।
ये कर्मचारी महम, कलानौर, सांपला आदि स्थित अलग-अलग कार्यालयों के अलावा जलघर, बूस्टर पर तैनात हैं। इसमें एक ही परिवार से दो कर्मचारी भी शामिल हैं। जो बारी-बारी अथवा एक ही हाजिरी बजाता है। संबंधित अधिकारियों की ओर से सख्ती के बाद भी व्यवस्था अभी तक नहीं बदल पाई है। लिहाजा मामला चंडीगढ़ मुख्यालय पर अब पब्लिक हेल्थ विभाग के मुख्य अभियंता के संज्ञान में ला दिया गया है।
इधर मुख्यालय का लेटर आने के बाद वे अधिकारी बेचैन हैं, जिनके चहेतों को हरियाणा कौशल रोजगार के तहत इस दायरे में नौकरी मिली है। वे मामले को रफा-दफा करने के चक्कर में लग गए हैं।
आदेश के बाद भी नहीं हटेंगे कर्मचारी: एसई ^पब्लिक हेल्थ विभाग के मुख्य अिभयंता के स्तर से लेटर आया है। मैंने उसे देख लिया है, लेकिन हम इतनी जल्दी हरियाणा कौशल रोजगार के जरिए लगे कर्मचारियों को हटाने वाले नहीं हैं। इस बाबत हमने शुक्रवार को ही चिट्ठी चंडीगढ़ भेज दी है। – आरके शर्मा, एसई पब्लिक हेल्थ विभाग।
