हरियाणा के हिसार में दंपती ने जन्म-मौत का साथ निभाया। यहां पहले पति का निधन हुआ। परिवार उनके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था। रिश्तेदार भी रास्ते में थे। अचानक 5 घंटे बाद पत्नी ने भी प्राण त्याग दिए। यह सुनकर सभी दंग रह गए। परिवार ने कहा कि दोनों ने साथ जीने और मरने की कसम को हकीकत में पूरा कर दिया।
81 साल के हरबंस लाल सेठी और 79 साल की कृष्णावंती की यह जोड़ी हिसार में हांसी की रामलाल कॉलोनी की रहने वाली थी। पहले हरबंस लाल की हार्ट अटैक से मौत हो गई। परिवार वाले शोक मना रहे थे। उनके अंतिम संस्कार के इंतजाम किए जा रहे थे। तभी 5 घंटे बाद दोपहर 12.50 बजे पत्नी कृष्णावंती ने भी अचानक प्राण त्याग दिए।
दर्शन सेठी ने बताया कि उनके पिता हरबंस सेठी की लाश अंतिम दर्शन के लिए घर के आंगन में रखी थी। वहां मां कृष्णावंती भी बैठी थी। पति के निधन के बाद लाश देख उन्हें अचानक सदमा लगा और उनका भी निधन हो गया। दोनों ने मरते दम तक एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा।
हांसी के ज्योतिषाचार्य दर्शन सेठी ने बताया कि घर के आंगन से पिता हरबंस सेठी और कृष्णावंती की एक साथ अर्थी उठी। दोनों का आपस में बहुत प्रेम था। दोनों एक साथ अंतिम यात्रा पर गए। इसके बाद दोनों का श्मशान में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।
दर्शन सेठी ने कहा कि उनके माता-पिता ने हमेशा मेहनत व लगन से कार्य करने की शिक्षा दी। वे हमेशा कहते थे कि जिंदगी में किसी का बुरा मत करना। उनके पिता ने कड़ी मेहनत से परिवार का पालन-पोषण किया। उनकी माता गृहिणी थी।
