हरियाणा सरकार ने 4 आईपीएस अधिकारियों की प्रमोशन की है। इन आईपीएस अधिकारियों को सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) से प्रमोट करके सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) बनाया गया है। प्रमोट होने वाले अधिकारियों में 2010 बैच के 4 आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया है। प्रमोट होने वाले आईपीएस अधिकारियों में सुलोचना गजराज, संगीता कालिया, राजेश दुग्गल और सुरेंद्र पाल सिंह शामिल हैं।

प्रमोशन पाने वाली आईपीएस अधिकारी सुलोचना गजरात 2020 में हरियाणा के मंत्री से भिड़ गई थी। सरकार में राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव ने सुलोचना पर भ्रष्ट और नालायक होने का आरोप लगाया था। इसके बाद तत्कालीन SP सुलोचना गजराज ने मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया था।मामला जब हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज तक पहुंचा तो उन्होंने इस पूरे मामले को रफा-दफा करने के लिए स्टेट क्राइम ब्रांच से इसकी जांच कराई।

IPS ऑफिसर संगीता कालिया को तेज तर्रार अधिकारियों में जाना जाता है। उन्होंने एसपी की पोस्ट पर रहते हुए प्रदेश के गब्बर कहलाने वाले गृह मंत्री अनिल विज से पंगा ले लिया था। हुआ यूं कि जब संगीता एसपी के पद पर फतेहाबाद में कार्यरत थी तब विज से बहस हो गई थी। विज यहां कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करने पहुंचे थे। इस बैठक में एक शिकायत की सुनवाई के दौरान विज ने संगीता कालिया को गेटआउट कह दिया था, लेकिन एसपी कालिया बैठक से बाहर नहीं गई। बाद में उनका ट्रांसफर कर दिया गया था।

2010 बैच के आईपीएस अधिकारी राजेश दुग्गल 2019 लोकसभा चुनाव में चर्चा में आए थे। तब दुग्गल पर उनकी भाजपा प्रत्याशी पत्नी सुनीता दुग्गल के समर्थन में विपक्ष ने प्रचार करने का आरोप लगाया था। कांग्रेस ने अपनी शिकायत में कहा था कि राजेश दुग्गल की पत्नी सुनीता दुग्गल सिरसा लोकसभा सीट से भाजपा की उम्मीदवार हैं। राजेश दुग्गल चुनाव को प्रभावित कर रहे हैं। उस समय दुग्गल हिसार में हरियाणा आर्म्ड पुलिस की तीसरी बटालियन के कमांडेंट थे।

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