उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शुरू हाे गई है। इसको लेकर साइबर ठग भी सक्रिय हो गए है। ठगों से बचने के लिए पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी की है। ताकि चारधाम यात्रा पर जाने वाले लोग ठगी का शिकार न हो। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय मेधा भूषण ने कहा कि ऑनलाइन स्कैमर्स अलग- अलग तरीके लाेगों के साथ ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। साइबर स्कैमर्स (धोखेबाज) ट्रेंड के अनुसार इंटरनेट पर अपना जाल बिछाकर लोगों को झांसे में लेकर उनके साथ धोखाधड़ी कर रहे है।
गर्मियों की छुट्टी में लोग धार्मिक व अन्य अलग-अलग यात्राओं पर जा रहे हैं। ऐसे में लोग ऑनलाइन बुक कराते हैं। जिसका लाभ साइबर ठग उठा रहे हैं। उन्होंने फर्जी ट्रैवल एजेंसियों के नाम पर वेबसाइट बनाते हैं। जो व्यक्ति चार धाम यात्रा की बुकिंग अथवा केदारनाथ टिकट प्राइस (मूल्य) को गूगल पर सर्च करते है तो इस प्रकार की वेबसाइट सामने आती है। जिन पर आमजन अपनी निजी जानकारी साझा करते है।
जिसे साइबर अपराधी आपकी टिकट इत्यादि को कंफर्म बताकर आपसे अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लेते है। साइबर अपराधी इंटरनेट पर अलग विज्ञापन देकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करते है। ऐसे में ऑनलाइन स्कैमर्स से सावधान रहें।
साइबर धोखेबाज अलग-2 राज्यों में पर्यटकों से होटलों की बुकिंग के नाम पर धोखाधड़ी करते है और उत्तराखंड, यूपी, दिल्ली, गोवा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में चारधाम यात्रा और पर्यटन के नाम पर लोगों से हेली टिकट और होटल बुकिंग को लेकर ठगी करते है इस प्रकार के साइबर अपराधियों से बचने के लिए खुद को सर्तक व सावधान रखें।
• वेबसाइट heliyatra.irctc.co.in पर या विश्वसनीय ट्रैवल एजेंसियों से यात्रा को लेकर सम्पर्क करें।
• ऑनलाइन स्कैमर्स से सावधान रहें, केवल विश्वसनीय ट्रैवल एजेंसियों से अपनी यात्रा बुक करें।
• किसी भी व्यक्ति से लेनदेन करने से पहले कम्पनी या उस ट्रेवल एजेंसी के बारे में जरूर रिसर्च करे।
• अगर आप किसी ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी से टिकट इत्यादि बुक कर रहे हो तो पहले उस ट्रेवल एजेंसी के बारे में पहले रिसर्च कर लें। क्योंकि साइबर अपराधी ट्रैवल एजेंसियों के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करते है और वास्तव में वह ट्रैवल एजेंसी उस पते पर नहीं होती है।
• किसी भी व्यक्ति से लेनदेन करने से पहले कंपनी के बारे में रिसर्च जरूर कर लें।
• चार धाम अन्य किसी यात्रा करने की उत्सुकता में जल्दबाजी में टिकट इत्यादि बुक ना करें। क्योकि साइबर अपराधी आपको फोन करके आपको बहकायेगा कि टिकट लास्ट और उसके बाद कन्फर्म नहीं होगी ऐसे में आप जल्दबाजी टिकट बुक करवानें के चक्कर में धोखा खा जातें है।
• अगर आपके साथ उपरोक्त या अन्य किसी भी प्रकार से ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी हो जाती है तो तुरन्त राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन न. 1930 और www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करवायें।
