उपायुक्त डॉ. यशपाल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सरकार द्वारा गठित विभिन्न विभागों की समितियों के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए वे गंभीरता से कार्य करें। बैठक में दिये गए दिशा-निर्देशों पर पूर्णतय अमल करें तथा कार्रवाई रिपोर्ट भी समय पर भिजवाना सुनिश्चित करें।
उपायुक्त डॉ. यशपाल स्थानीय जिला विकास भवन स्थित सभागार में विभिन्न विभागों की गठित समितियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने पुलिस विभाग की नार्कोटिक समन्वय समिति की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को कहा कि समिति के नोडल अधिकारी एवं डीएसपी हेडक्वार्टर इस कार्य को गंभीरता से लें तथा उनकी रिपोर्ट सरकार को भिजवाये। सभी उपमंडलाधीश भी नशीले पदार्थों को रोकने के लिए बनाई गई समितियों के प्रशिक्षण के साथ-साथ अन्य आवश्यक गतिविधियों को भी गंभीरता से लें।

डॉ. यशपाल ने कहा कि सरकार द्वारा विशेष लक्ष्य के दृष्टिïगत यह समितियां गठित की गई है। प्रतिमाह समीक्षा बैठक में दिये गए दिशा-निर्देशों पर सख्ती से अमल करते हुए समितियों के लक्ष्यों को प्राप्त करें। इन समितियों में शामिल गैर सरकारी सदस्य भी उपस्थित हो तथा अपना फीडबैक दें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिला रैडक्रॉस सोसायटी द्वारा संचालित किये जा रहे अर्पण संस्थान में रहने वाले 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को गोद लेने के लिए समर्थ लोगों को प्रोत्साहित करें तथा इन संस्थानों का समय-समय पर दौरा करें।
उपायुक्त डॉ. यशपाल ने मिड-डे-मील योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि वे फिल्ड में जाते समय सरकारी विद्यालयों में मिड-डे-मील की जांच करें तथा अपनी टिप्पणी भी अवश्य दें। सरकार द्वारा पहली से 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिड-डे-मील प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की समितियों की समीक्षा करते हुए सिविल सर्जन को निर्देश देते हुए कहा कि वे कोविड-19 एवं इंफ्लूऐंजा संक्रमण के दृष्टिïगत रेंडम तौर पर सैम्पल लेकर जांच करवाये। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान चिन्हित किये गए लोगों को आंखों का ऑपरेशन करवाने के लिए प्रोत्साहित किया जाये।

डॉ. यशपाल ने कहा कि तरल कचरा प्रबंधन से संबंधित विभाग गंदे पानी को ट्रीट करके इसका निष्पादन करें। सभी विभाग राष्टï्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा जारी हिदायतों का पूरी तरह पालन करें। ठोस कचरा का भी नियमानुसार निस्तारण करें। उन्होंने श्रम विभाग की समितियों की समीक्षा करते हुए जिला में बंधुआ मजदूरी एवं बाल मजदूरी की शिकायतों पर यथाशीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने अवैध खनन से संबंधित समिति की समीक्षा करते हुए अधिकारी को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। अवैध खनन के मामलों में एक लाख 37 हजार रुपये की रिकवरी की गई है।
उपायुक्त डॉ. यशपाल ने खाद्ïय एवं पूर्ति विभाग की समिति की समीक्षा करते हुए कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए वितरित की जा रही सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित किया जा रहा आयरन युक्त फोर्टिफाइड आटा का रंग सलेटी हो जाता है। यह आटा गुणवत्ता की दृष्टिï से सही है। उन्होंने जिला खाद्ïय एवं पूर्ति नियंत्रक को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे समय-समय पर सैम्पल लेकर जांच करवाये और यदि यह खाद्ïय सामग्री गुणवत्ता की कसौटी पर खरी नहीं पाई जाती तो संबंधित स्पलायर के विरुद्घ सख्त कार्रवाई की जाये।
डॉ. यशपाल ने महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण समिति, सिंचाई विभाग, शिक्षा विभाग, कौशल विकास आदि संबंधित विभागों की समितियों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्रपाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार लोहचब, उपमंडलाधीश राकेश कुमार सैनी, दलबीर सिंह फौगाट एवं सुभाष चंद्र जून, नगराधीश मोहित महराना, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय सिंह मलिक, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की सम्पदा अधिकारी श्वेता सुहाग, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त महेश कुमार, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण के सचिव डॉ. संदीप गोयत, सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता दिनेश राठी, सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, जिला राजस्व अधिकारी चंद्र मोहन बिश्नोई, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी जितेंद्र शर्मा, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी डॉ. जितेंद्र मलिक सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी तथा समितियों के गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।
