संयुक्त किसान मोर्चा ने 18 अक्टूबर को देशभर में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक रेल रोको अभियान आयोजित करने की घोषणा की है। इसके चलते रेल यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।किसानों की मांग है कि केंद्रीय राज्य मंत्री को बर्खास्त किया जाए व उनके बेटे समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तार किया जाए।
करीब 10 दिन पहले ही टिकरी बॉर्डर पर चल रहे धरने में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से इस पर फैसला लिया गया। इस दौरान रेलमार्ग जाम करने को लेकर रणनीति तैयार की गई।
लखीमपुर खीरी में हुई घटना से आक्रोशित किसान संगठनों ने एक बार फिर अपने आंदोलन को तेज कर दिया है। किसान संगठनों ने साफ कर दिया है कि जब तक मंत्री को पद से नहीं हटाया जाएगा या वो खुद इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक वे अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक आगे बढ़ते रहेंगे। साथ ही अजय मिश्रा को भी धारा 120बी के तहत गिरफ्तार किए जाने की मांग है।
किसान आंदोलन के प्रभाव को देखते हुए माना जा रहा है कि अगर 18 अक्टूबर रेल रोको कार्यक्रम जारी रहा तो फिर दिल्ली से हरियाणा, पंजाब और जम्मू के अलावा यूपी के रूट पर भी यात्री ट्रेनों के परिचालन पर खासा असर पड़ सकता है।
रोहतक मकड़ौली टोल पर धरने की अध्यक्षता कर रहे राजू मकड़ौली ने बताया कि रोहतक में 12 जगह पर ट्रेन रोकने का कार्यक्रम है। इसमें रोहतक रेलवे स्टेशन, अस्थल बोहर, खरावड़, इस्माइला, सांपला, लाहली, कलानौर, समरगोपालपुर, खरेंटी, लाखनमाजरा, मकड़ौली और जसिया शामिल है। इन सभी जगह पर जिले में विभन्न जगहों पर धरने पर बैठे किसान रेल रोको कार्यक्रम को सफल बनाएंगे। राजू मकड़ौली ने बताया कि ट्रेन में फंसे यात्रियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। यात्रियों को हलवा-पुरी, आलू-छोले की सब्जी खिलाई जाएगी। मकड़ौली व जसिया स्टेशन पर हुड्डा खाप धरना कमेटी इस व्यवस्था को संभालेगी।
रोहतक में कार्यक्रम की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भी अपनी कमर कस ली है। सभी 12 जगहों पर तीन एएसपी, 14 एसएचओ सहित 500 पुलिसकर्मी सुरक्षा मोर्चा संभालेंगे। इसके अलावा पुलिस लाइन में पुलिस की दो टुकड़िया रिजर्व रखी गई है। जोकि आपातकालीन स्थिति में व्यवस्था संभालने के काम लाई जाएगी।
