रोहतक के कुनाल सैनी की कलाकारी ने देश ही नहीं विश्व में अपनी धाक जमाई है। ईको फ्रेंडली तरीके से तैयार किए गए रुचिर आर्ट को विश्व के 180 देशों में पेटेंट मिल गया है। जिसके बाद अब वे ईको फ्रेंडली तरीके से कपड़े पर कलाकारी की जाएगी। ताकि देश में मिलने वाली प्राकृतिक चीजों से इसको तैयार किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि रुचिर आर्ट फूल, पत्तों व पौधों की जड़ों को मिलकर तैयार किया जाएगा। जो पूरी तरह से प्राकृतिक होगा और ये सभी भारत में ही उपलब्ध रहेंगे। इस ईको फ्रेंडली प्रोडेक्ट को तैयार करने व पेटेंट को मिलने में करीब दो-ढाई साल का समय लग गया। अब जाकर उन्हें यह सफलता मिली है।
कुनाल सैनी ने बताया कि इस प्रोडेक्ट को जल्द लॉन्च किया जाएगा। या तो वह खुद प्रोडेक्ट को लॉन्च करेंगे या फिर किसी कंपनी के साथ मिलकर। उन्हें पेटेंट लेने में एक-दो बार परेशानी जरूर हुई, लेकिन उन्होंने उन परेशानियों को दूर करके इस सफलता को हासिल किया।
कुनाल सैनी ने ईको फ्रेंडली हैंड मेड प्रोडेक्ट तैयार करके विश्व रिकॉर्ड बनाया। इससे तैयार कपड़े को पहनने से न तो एलर्जी होगी और बदबू से भी छुटकारा मिल पाएगा। यहां तक कि ईको फ्रेंडली प्रोडेक्ट के वेस्ट को खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। जो खेत में उपज को बढ़ाएगी।

कुनाल सैनी ने वर्ष 2015-10 तक बैचलर इन टेक्सटाइल की पढ़ाई की है। पढ़ाई पूरी होने के बाद वर्ष 2020 में उन्होंने अपनी खुद की फैक्ट्री खड़ी की। फैक्ट्री में काम करते समय उन्हें कपड़े रंगने के लिए ईको फ्रेंडली हैंड मेड प्रोडेक्ट तैयार करने का विचार आया और इस पर काम शुरू किया। कुनाल हैंडीक्राफ्ट आर्टिस्ट भी हैं। वहीं ईको फ्रेंडली हैंड मेड प्रोडेक्ट तैयार करने के लिए उन्होंने इंटरनेट का भी सहारा लिया।
कुनाल सैनी ने बताया कि केमिकल से रंगे हुए कपड़ों के पहनने से त्वचा पर रंग आ जाता है और त्वाचा संबंधित एलर्जी जैसी बीमारियां भी होने का खतरा रहता है। लेकिन नेच्यूरल मैटीरियल का प्रयोग करके तैयार इस प्रोडेक्ट से रंगे हुए कपड़े त्वचा के लिए भी फायदेमंद रहेंगे। वहीं बचे हुए वेस्ट को खेतों में खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
