रोहतक की जेएलएन नहर में पानी बंद हुआ तो पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट ने भी पेयजल आपूर्ति के संकट से निपटने की तैयारी कर ली। शहर को जहां एक समय पानी की सप्लाई का शेड्यूल बना गया है तो वहीं इस पानी का मिस यूज करने वालों से भी सख्ती से निपटने की तैयारी की गई है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार पेयजल को बर्बाद करने वाले पर न्यूनतम 500 रुपए का जुर्माना किया जाएगा।

पिछले सप्ताह तक शहर में दो समय औसतन 9 करोड लीटर पेयजल की सप्लाई प्रतिदिन हो रही थी। मगर जेएलएन नहर में पानी न आने से पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट ने दोनों समय पानी की सप्लाई करने से मना कर दिया। क्योंकि शहर के मुख्य 4 जलघरों में अब 27 करोड लीटर पानी ही बचा है। इससे 6 दिन तक ही पीने के लायक पानी की सप्लाई की जा सकती है। ये पानी ज्यादा से ज्यादा दिन तक चल सके इसके लिए एक टाइम पानी का शेड्यूल बनाया गया है।
इसमें शहर की अलग-अलग कॉलोनियों में सुबह 5 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक पेयजल की सप्लाई की जाएगी। इसमें प्रत्येक क्षेत्र में एक घंटे तक सप्लाई करने का दावा किया गया है। इसमें विभाग ने एक समय में प्रतिदिन 4:50 करोड लीटर पेयजल की सप्लाई करने की बात कही है। लेकिन अधिकतर क्षेत्रों में 10 से 30 मिनट तक पानी आने की बात लोगों की तरफ से कही गई है।
घरों में पानी कम पहुंचने के कारण कॉलोनियों की तरफ से पानी के टैंकरों की डिमांड बढ़ गई है। इसमें बुधवार को 140 टैंकर मंगाए गए। इस पर पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट की तरफ से अलग-अलग क्षेत्रों में भेजे गए।
शहर में एक समय ही पानी की सप्लाई की जा सकती है। इसके लिए सुबह के समय लिए शेड्यूल बनाया है। आमजन से अपील है कि पानी का देखकर प्रयोग करें। पानी का मिस यूज करने वालों के चालान किए जाएंगे। इसमें शहर में निगरानी रखी जाएगी।
– राजेश कुमार, एसडीओ सब डिवीजन, रोहतक शहर
