रोहतक स्थित महारानी किशोरी देवी कॉलेज के सामने से किडनैप हुई चरखीदादरी की छात्रा बरामद हो गई है। पुलिस ने 2 किडनैपरों को गिरफ्तार कर लिया है। किडनैपिंग का मास्टरमाइंड फरार है। शुरूआती जांच में पता चला कि छात्रा को जबरन शादी के लिए गनप्वाइंट पर किडनैप किया गया।
फिर उसे दिन-रात कार में घुमाते रहे। दिल्ली, हरिद्वार व चंडीगढ़ भी गए लेकिन करीब 30 घंटे बाद वह पुलिस के हत्थे चढ़ गए। किडनैपिंग के मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस ताबड़तोड़ रेड कर रही है।
हनुमान कॉलोनी का रहने वाला अंशुल चहल छात्रा से शादी करना चाहता था। छात्रा इसके लिए राजी नहीं हुई। जिसके बाद उसने छात्रा को किडनैप कर शादी की साजिश रची। इसके लिए 2 दोस्तों गांव गरनावठी निवासी देव व रोहतक की हनुमान कॉलोनी निवासी अमन को साथ मिलाया।
एक दिन पहले यानी वीरवार को छात्रा को किडनैप करने की प्लानिंग तैयार की गई। अंशुल को पता था कि छात्रा चरखीदादरी से रोजाना कॉलेज जाती है। इसलिए वहीं से छात्रा को किडनैप करने की तैयारी की गई। किडनैपिंग के लिए कार का इंतजाम किया गया।जिसके बाद शुक्रवार को अंशुल, अमन और देव के साथ महारानी किशोरी कॉलेज पहुंचा। वहां छात्रा के कॉलेज के अंदर जाने से पहले गेट पर ही पिस्तौल के बल में अपहरण कर लिया गया। तीनों आरोपी उसे जबरन कार में डालकर वहां से भाग निकले।
कार में बैठने के बाद पहले वह सोनीपत गए। वहां से वह दूसरी कार में सवार हो गए। इसकी प्लानिंग पहले से थी। अपहरण के वक्त और उसके बाद चश्मदीद या CCTV के जरिए कार की पहचान हो जाती, इसलिए उन्होंने कार बदल ली। यह कार पहले ही वहां तैयार खड़ी थी।
कॉलेज के बाहर से 20 साल की छात्रा का अपहरण होते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। रोहतक पुलिस की 4 टीमें पीछे लग गई। पुलिस ने सोनीपत में किडनैपिंग में इस्तेमाल कार बरामद कर ली। जिसके बाद यह साफ हो गया कि किडनैपर अब दूसरी कार में सवार हैं।
पुलिस पकड़ न सके, इसके लिए वह छात्रा को कार में बिठाकर दिन-रात कार दौड़ाते रहे। पहले वह सोनीपत गए थे। फिर वहां से दिल्ली और हरिद्वार पहुंच गए। यहां वह कुछ देर रुके लेकिन छुपने का कोई ठिकाना नहीं मिला। हरिद्वार से वह चंडीगढ़ आ गए।यहां भी पकड़े जाने का डर लगा तो करनाल आ गए। किडनैपिंग का मास्टरमाइंड अंशुल करनाल में ही उतर गया। यह देख बाकी दोनों छात्रा को लेकर रोहतक की तरफ आने लगे। गोहाना रोड पर पुलिस ने उनकी कार को घेरकर पकड़ लिया।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार किए गए आरोपी देव व अमन ने बताया कि वे मुख्य आरोपी अंशुल के दोस्त हैं। दोस्ती के लिए ही वे इस अपहरण के अपराध में शामिल हुए हैं। फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपी अंशुल को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है। ताकि उसे भी पकड़ा जा सके।
पुलिस ने छात्रा को बदामद करके उसके बयान दर्ज करवाए। जिसमें छात्रा ने कहा कि उसका अपहरण किया गया। पुलिस को यह भी पता चला कि छात्रा और अंशुल एक-दूसरे को जानते थे लेकिन छात्रा ने उसे जबरन ले जाने के ही बयान दिए हैं।
सिविल लाइन थाना प्रभारी हरपाल सिंह ने बताया कि प्लानिंग के तहत अपहरण किया गया है। पुलिस से बचने व चकमा देने की भी प्लानिंग थी, लेकिन सभी फेल हो गए। बचने के लिए आरोपियों ने गाड़ी बदली और फिर जगह-जगह कार में दौड़ते रहे। अमन व देव को गिरफ्तार कर लिया, वहीं अंशुल को पकड़ने के लिए प्रयास जारी हैं।
शुक्रवार को छात्रा का अपहरण करने के बाद जब शनिवार तक भी कोई सुराग नहीं लगा तो परिवार वाले रोहतक लघु सचिवालय पहुंचे। जहां SP से मिलने के मांग को लेकर एसपी कार्यालय के बाहर धरना दे दिया। जिसके बाद पुलिस ने छात्रा के मिलने की सूचना परिवार वालों को दी और धरना समाप्त करवाया।
