रोहतक स्थित PGI में MBBS छात्रों का पिछले 35 दिनों से धरना जारी है। सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद भी कोई हल नहीं निकल पाया। न तो सरकार झुकने को राजी है और न ही MBBS छात्र पीछे हटने को। जिसके कारण धरना लंबा होता जा रहा है। वहीं धरने पर बैठे MBBS छात्रों के समर्थन में IMA सहित अन्य संगठन भी आए हुए हैं।

IMA ने भी धरने पर पहुंचकर स्टूडेंट्स को हर तरह से मदद करने का आश्वासन दिया। साथ ही सरकार से मांग की कि MBBS छात्रों की मांग जल्द से जल्द पूरी की जाए। अन्यथा IMA भी कोई कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। इधर, स्टूडेंट्स भी विरोध अलग-अलग तरीके से करके सरकार से अपनी मांग पूरी करवाने का प्रयास कर रहे हैं।

MBBS स्टूडेंट ने अपनी मांगों को लेकर रात को कैंडल मार्च निकाला। शहर में कैंडल मार्च निकालते हुए लोगों से भी समर्थन मांगा। साथ ही कहा कि जल्द सरकार जल्द से जल्द स्टूडेंट्स की मांग पूरी करे, ताकि वे नियमित पढ़ाई कर सकें।

40 लाख की बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में एमबीबीएस छात्र पिछले 35 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। छात्रों ने 1 नवंबर को रोहतक पीजीआई में धरना शुरू किया था। वहीं प्रदेश के चारों सरकारी मेडिकल कॉलेज में स्टूडेंट्स ने धरना शुरू कर दिया है। अलग-अलग तरीके से सरकार का विरोध हो रहा है।

MBBS स्टूडेंट की मांग है कि छात्रों पर लागू की जा रही 40 लाख की पॉलिसी वापस की जाए। क्योंकि इस पॉलिसी के लागू होने से गरीब परिवारों के स्टूडेंट्स डॉक्टर बनने से वंचित रह जाएंगे। जो 7 साल सरकारी सेवाओं में नौकरी की जो बॉन्ड पॉलिसी है उसे हटाया जाए। इसे कम करके एक साल किया जाए।

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