केरल का शांत-सा दिखने वाला एक कस्बा एलंथूर जहाँ के एक घर से 11 अक्टूबर को कुछ मानव अवशेष निकाले गए। जिसके बाद पुलिस ने खुलासा किया कि यहां दो महिलाओं की बलि दी गई है लेकिन जब अगले दिन इस घटना की डीटेल्स सामने आईं तो पूरा देश दहल उठा।
रोसेलिन और पद्मा नाम की दो महिलाओं को चारपाई से बांधकर गला घोंटा गया। उनके स्तन काट दिए गए और खून बहने दिया गया। एक महिला के 56 टुकड़े कर दिए गए। आरोपी ने कथित तौर पर रोसेलिन का प्राइवेट पार्ट काटकर उसे भूनकर खाया। बाद में शव के टुकड़े गढ्ढों में दबा दिए गए।

शफी नाम के शख्स ने भगवल सिंह और उसकी पत्नी लैला को अमीर बनने के लिए ‘मानव बलि’ की सलाह दी थी। उसी ने दोनों पीड़ित महिलाओं को एलंथूर पहुंचाया था। शफी, भगवल और लैला ने मिलकर इस हैवानियत को अंजाम दिया।
धन और समृद्धि की चाहत में बनाई थी ‘मानव बलि’ की योजना
कोच्चि Police आयुक्त C H Nagraju ने बताया कि मृतकों में पेरुम्बवूर के कदवंतरा निवासी पद्मा (50) और कलाडी निवासी रोसलिन (50) हैं। इसी तरह गिरफ्तार आरोपियों में थिरुवल्ला निवासी मसाज थेरेपिस्ट डॉ भगवंत सिंह, उसकी पत्नी लैला और मदद करने वाला एजेंट पेरुम्बवूर निवासी शिहाब है।
उन्होंने बताया कि डॉक्टर दंपत्ति आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था और किसी ने उन्हें मानव बलि देने पर समस्या का समाधान होने का भरोसा दिलाया था। इस पर उन्होंने यह योजना बनाई थी।

आरोपियों ने कैसे दिया वारदात को अंजाम?
नागराजू ने बताया कि आरोपी डॉक्टर दंपत्ति ने बलि के लिए महिलाओं का प्रबंध करने की जिम्मेदारी शिहाब को सौंपी थी। इसके बाद शाकिब महिलाओं को बहला-फुसलाकर कोच्चि से 120 कलोमीटर दूर थिरुवल्ला गांव ले गया था। उन्होंने बताया कि आरोपी दंपत्ति ने पहले अपने घर में धार्मिक अनुष्ठान किए और फिर महिलाओं की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपियों ने उनके शवों के टुकड़े कर खेतों में दफना दिए।
नागराजू ने बताया कि 26 सितंबर को कदवंतरा पुलिस थाने में पद्मा की गुमशुदगी दर्ज हुई थी। इसकी जांच के लिए महिला के नंबरों की कॉल डिटेल निकलवाई तो उसका शिहाब के संपर्क में होना पाया गया। इसके बाद जब पुलिस ने शिहाब को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने डॉक्टर दंपत्ति द्वारा उसकी बलि देने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूछताछ में शिहाब ने जून में रोसलिन की भी बलि दिए जाने की जानकारी दे दी।
शिहाब के बयान के आधार पर पुलिस ने थिरुवल्ला पहुंचकर आरोपी डॉक्टर दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान उसके घर से अनुष्ठान की सामग्री सहित कई संदिग्ध चीजें भी बरामद की। उन्होंने बताया कि आरोपी दंपत्ति ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया और बताया कि शिहाब ने ही उनसे फेसबुक के जरिए संपर्क कर मानव बलि देने पर घर में पैसा आने के साथ सुख और समृदि्ध आने का भरोसा दिलाया था।
