रोहतक। बीते दिन जाट शिक्षण संस्था स्थित चौ. देवी सिंह यज्ञशाला में आज लोकहित संस्था व तिलक नगर आर्य समाज के संयुक्त तत्वावधान में हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। हवन के ब्रह्मा तिलक नगर आर्य समाज के संयोजक सुखबीर दहिया रहे व यजमान लोकहित संस्था के प्रधान एडवोकेट चंचल नांदल रहे। ज्ञात रहे कि चौ. देवी सिंह यज्ञशाला में पिछले 7 वर्षों से हर महीने की 30 तारीख को मासिक हवन-यज्ञ का आयोजन होता आ रहा है।
इस अवसर पर सुखबीर दहिया ने कहा कि उत्तरी भारत में आर्य समाज का काफी प्रभाव रहा है। महर्षि दयानंद सरस्वती ने हवन-यज्ञ के जरिए लोगों के जीवन में सुख व समृद्धि का सूत्रपात किया था। उनकी बनाई हुई संस्थाएं विद्यार्थियों के जीवन में आज भी नए रंग भर रही हैं तथा उन्हें आदर्श व्यक्ति बनाने में अपना योगदान दे रही हैं। चौ. देवी सिंह ने महर्षि दयानंद से प्रभावित होकर आर्य समाज अपनाया था तथा क्षेत्र के लाखों विद्यार्थियों के जीवन में उजियारा भरने के लिए जाट शिक्षण संस्था को 22 एकड़ जमीन दान स्वरूप दी तथा आजीवन संस्था के हितों के लिए कार्य करते रहे।
इस अवसर पर एडवोकेट चंचल नांदल ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण करना आज के युग की जरूरत है। ग्रीन हाऊस गैस तथा कार्बन के बढ़ते प्रयोग का सबसे व्यापक असर वातावरण पर पड़ा है। वाहनों व फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुंआ व ध्वनी प्रदूषण मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। हवन-यज्ञ एक ऐसा माध्यम है जिससे वातावरण शुद्ध तथा पवित्र होता है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने घर में नित्य हवन-यज्ञ करना चाहिये जिससे पर्यावरण के साथ-साथ बच्चों को भी अच्छे संस्कार मिल सकें।
देशवाल खाप के कार्यकारी प्रधान नाहर सिंह देशवाल ने कहा कि जाट संस्थाओं में चौ. देवी सिंह यज्ञशाला में चल रहे मासिक हवन-यज्ञ की वजह से संस्था में विद्यार्थियों को अच्छे संस्कार मिल रहे हैं। हवन-यज्ञ के साथ-साथ लगातार पौधारोपण अभियान चलाने से संस्था में हरियाली बढ़ रही है तथा स्वच्छ वायु से हर व्यक्ति को फायदा मिल रहा है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से नांदल खाप प्रवक्ता मा. देवराज नांदल, मा. विरेन्द्र नांदल, वीरेन्द्र ठेकेदार, अमरजीत नांदल, कंवर सिंह गुलिया, मा. परसराम, चन्द्र सिंह दहिया, करतार सिंह, चन्द्रवति, संतोष, दीपक मलिक, आर्य समाज बोहर के प्रवक्ता कृष्ण शास्त्री, संदीप, जगदीप, रविन्द्र सहित जाट स्कूल के विद्यार्थियों ने हवन-यज्ञ में आहूति डालकर पुण्य प्राप्त किया।
