करनाल की नई अनाज मंडी में आज प्रदेशभर से सैकड़ों आढ़तियों ने अपनी मांगों को लेकर CM आवास का घेराव किया और मुख्यमंत्री के प्रतिनिधी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। आढ़तियों ने कहा कि अगर कल यानी वीरवार तक उनकी मांगें सरकार ने नहीं मानी तो शुक्रवार से 6 आढ़ती करनाल की अनाज मंडी में आमरण अनशन बैठेगें। बता दे कि पिछले दो दिन से प्रदेशभर की मंडियों के आढ़ती मांगों को लेकर हड़ताल पर गए हुए थे। मंडियों में आढ़तियों कारण मंडी में धान खरीद का कार्य तीन दिन से बंद है। जिससे किसानों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक आज सुबह साढ़े 10 बजे से प्रदेशभर के आढ़ती करनाल की नई अनाज मंडी में एकत्रित होना शुरू हुए थे। नई अनाज मंडी के शैड के नीचे प्रदेशभर से आए आढ़तियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं सरकार द्वारा उनकी मांगें नहीं मानी जाएगी तो उसके लिए उनकी आगे की रणनीति क्या रहेगी। इसको लेकर चर्चा की।

मंडी में सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन के बाद प्रदेशभर से आए आढ़ती दोपहर 12:37 पर प्रेम नगर स्थित CM आवास का घेराव करने के लिए वहां से अपनी गाड़ियों के काफिले के साथ रवाना हुए। यह चार किलोमीटर का सफर आढ़तियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए 2 घंटे में तय किया। वहीं पुलिस ने सभी आढ़तियों के वाहन CM आवास से कुछ दूरी पर बनी पार्किग में लगवाए। उसके बाद सभी आढ़ती पार्किग स्थल से सड़कों पर उतर कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए करते हुए CM आवास के बाहर पहुंचे।

CM आवास पर प्रदर्शन करते हुए पहुंचे आढ़तियों ने सबसे पहले जोश के साथ बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों व आढ़तियों के बीच काफी गहमा गहमी हुई। जिसके बाद आढ़तियों ने सड़क पर बैठकर ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। करीब 30 मिनट तक धरना देने के बाद आढ़ती एसोसिएशन के 10 सदस्य CM आवास पर अपना ज्ञापन लेकर पहुंचे। वहां पर मुख्यमंत्री के प्रतिनिधी संजय बठला को अपनी मांगों को पत्र मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संजय बठला ने आढ़तियों को आश्वासन दिया की। वह उनकी मांगों का ज्ञापन सरकार तक जरूर पहुंचाएगें।

​​​​​​​करनाल नई अनाज मंडी के प्रधान रजनीश चौधरी ने कहा कि आज अपनी मांगों को लेकर प्रदेशभर के आढ़ती CM आवास का घेराव करने के लिए पहुंचे थे। यहां पर CM आवास का घेराव कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। अगर सरकार द्वारा कल तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जाती तो शुक्रवार से करनाल की आनाज मंडी में 6 आढ़ती आमरण अनशन शुरू करेगें। वहीं उन्होंने कहा कि प्रदेश का कृषि मंत्री अढ़ातियों को समय देकर मिला नहीं है जिसको लेकर भी उनमें रोष है। उन्होंने कहा हमाने कई बार अपनी मांगों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिलने की कौशिश की है। लेकिन मुख्यमंत्री उनसे मिलता ही नहीं है।

 सभी फसलें MSP पर आढ़तियों के माध्यम से ही खरीदी जाएं। आढ़तियों को पूरी 2.5 प्रतिशत आढ़त मिलनी चाहिए। दो सीजन से गेहूं पर 46 रुपए और धान पर 45.80 रुपए दी गई है, जबकि 51 रुपए बनती है।

– पिछले साल से ही MSP का भुगतान सीधे किसानों को दिया जाने लगा है। इससे आढ़तियों और किसानों में रोष है। सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली सभी फसलों का भुगतान किसान की इच्छा के अनुसार आढ़ती या स्वयं उसके खाते में किया जाना चाहिए।

– मार्केटिंग बोर्ड ने ई-नेम लागू करने के आदेश जारी किए हैं। यह प्रक्रिया प्राइवेट बिकने वाली फसलों पर लागू नहीं हो सकती है। ई-ट्रेडिंग सिर्फ उत्पाद की हो सकती है, जबकि मंडियों में आने वाली फसलें कच्चा माल हैं। इसलिए यह प्रक्रिया मंडियों में लागू न की जाए।

– सीमांत किसानों को ई-खरीद पोर्टल पर रजिस्टर्ड करने के बाद भी सरकार ने उनकी फसलें नहीं खरीदी हैं, जबकि सीमांत किसान प्रदेश बनने के बाद से ही मंडियों से जुड़े हुए हैं। बहुत से किसान प्रदेश के ही रहने वाले हैं। सरकार द्वारा धान न खरीदने के कारण किसानों और आढ़तियों को बहुत नुकसान हुआ है। इससे उनमें रोष है। आगामी सीजन में सभी सीमांत किसानों की फसलों की खरीदी जाए।

– साल 2020 में धान पर मार्केट और HRDF फीस 4 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत कर दी थी, लेकिन विभाग ने यह फीस एक प्रतिशत से बढ़ाकर फिर से 4 प्रतिशत कर दी है, जबकि पड़ोसी राज्यों में यह फीस बहुत कम है। टैक्स कम होने के कारण व्यापारी दूसरे प्रदेशों से धान खरीद रहे हैं। इससे हरियाणा के किसानों को धान के दाम कम मिल रहे हैं। सरकार फीस घटाकर एक प्रतिशत करे।

– गेहूं सीजन 2020 की जो पेमेंट ब्याज के रूप में आढ़तियों से काटी गई थी, वह मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद आढ़तियों को वापस नहीं की गई है। यह तुरंत दी जाए।

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