रोहतक जिले से सामने आए लापता लोगों के आंकड़ों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। एनसीआरबी के अनुसार वर्ष 2024 में जिले से कुल 940 लोग लापता दर्ज किए गए। इनमें महिलाओं की संख्या पुरुषों से कहीं ज्यादा है, जबकि 20 बच्चे अब तक लापता हैं।
इन आंकड़ों ने प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतने लोग कहां और किन परिस्थितियों में गायब हो रहे हैं। क्या ये केवल पारिवारिक विवाद या घर छोड़ने के मामले हैं, या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय है।
महिलाओं के मामले सबसे ज्यादा
रिकॉर्ड के अनुसार जिले से 582 महिलाएं लापता हुई हैं, जिनमें 578 की उम्र 18 साल से अधिक है। वहीं 4 नाबालिग बच्चियां भी शामिल हैं। महिलाओं के बढ़ते मामलों को लेकर सामाजिक संगठनों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
20 बच्चों का अब तक पता नहीं
रोहतक में कुल 20 बच्चे लापता बताए गए हैं। इनमें 12 साल से कम उम्र के 5 बच्चे और 12 से 18 साल के बीच 15 किशोर-किशोरियां शामिल हैं। कई परिवार आज भी अपने बच्चों की तलाश में पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं।
पुरुषों के भी सैकड़ों मामले
आंकड़ों के अनुसार 358 पुरुष भी लापता दर्ज किए गए हैं। इनमें 342 वयस्क हैं, जबकि 16 बच्चे और किशोर शामिल हैं। जानकार बेरोजगारी, पारिवारिक तनाव, सोशल मीडिया, साइबर फ्रॉड और गलत संगत को भी ऐसे मामलों की एक वजह मान रहे हैं।
लापता लोगों का आंकड़ा
कुल पुरुष लापता: 358
कुल महिला लापता: 582
कुल बच्चे लापता: 20
कुल लापता व्यक्ति: 940
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इन मामलों में कोई विशेष अभियान चलाकर लोगों को ढूंढने में तेजी लाएगा, या ये आंकड़े केवल रिकॉर्ड तक सीमित रह जाएंगे।
